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Bihar News| "हमारी पार्टी 100 प्रतिशत बीजेपी के साथ, पीएम मोदी जैसा नेता मिलना नामुमकिन": पशुपति पारस

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Aug 09, 2022 05:20 pm IST,  Updated : Aug 09, 2022 05:20 pm IST

Bihar News: केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में 2014 में भाजपा के साथ किए गठबंधन के फैसले पर पार्टी कायम रहेगी।

Central Minister Pashupati Kumar Paras(File Photo)- India TV Hindi
Central Minister Pashupati Kumar Paras(File Photo) Image Source : PTI

Highlights

  • मैं जब तक राजनीति करूंगा, मैं राजग(NDA) में रहूंगा: पशुपति पारस
  • "देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत है"
  • "पार्टी 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन करने के फैसले पर कायम रहेगी"

Bihar News: बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन (NDA) में उथल-पुथल के बीच, केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बताया कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ रहेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दूसरा नेता मिलना नामुमकिन है। पारस ने अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद कहा, "हमारी पार्टी 100 प्रतिशत भाजपा के साथ है।" उन्होने बताया कि मीटिंग में पार्टी ने भाजपा का साथ देने का फैसला किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी  2014 में भाजपा के साथ गठबंधन करने के फैसले पर कायम रहेगी। 

"मैं जब तक राजनीति करूंगा NDA में ही रहूंगा"

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता ने कहा कि बैठक में भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन करने का फैसला किया गया था और उनकी पार्टी उस फैसले पर कायम रहेगी। पारस ने कहा, "मोदी जैसा नेता मिलना नामुमकिन है। वह देश की जरूरत हैं। मैं जब तक राजनीति करूंगा, मैं राजग(NDA) में रहूंगा।" आपको बता दें कि लोकसभा(Lok Sabha) में उनकी लोजपा पार्टी के पांच सदस्य हैं।

क्यों अहम है पारस पासवान का यह फैसला?

रामविलास पासवान के छोटे भाई पारस पासवान का यह निर्णय अहम है क्योंकि उन्होंने चिराग पासवान के नेतृत्व के खिलाफ लोजपा का विभाजन किया था और उन्हें (पारस को) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU का समर्थन प्राप्त था। आपकोल बता दें कि कुमार 2020 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के चिराग पासवान के फैसले से नाखुश थे। 

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