पटना में हुए चंदन हत्याकांड में 4 शूटरों की पहचान हो गई है। हालांकि पुलिस अब भी पांचवें शूटर की पहचान करने में जुटी हुई है। इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल तौसीफ का कनेक्शन पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस से निकला है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने बड़ा ऐलान करते हुए NDA से नाता तोड़ लिया है। पशुपति पारस ने कहा है कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी यानी RLJP अब NDA का हिस्सा नहीं है।
पशुपति पारस ने कहा कि वक्फ बिल का सदन से पास होना, देश के लोगों के साथ अन्याय है। अब जो भी अकलियत के साथी हैं, वो एनडीए गठबंधन में नहीं रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बिल को सपोर्ट करने वाला हर दल टूटेगा।
लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने पशुपति कुमार पारस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने इस मामले में हस्तक्षेप कर जायजा लिया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस और पूर्व सीएम लालू यादव की मुलाकात एक बार फिर चर्चा में है। पशुपति कुमार पारस और प्रिंस पासवान के साथ लालू यादव की मुलाकात हुई है।
राजद प्रमुख लालू यादव अपने बेटे तेज प्रताप यादव के साथ राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस के आवास पर गए।
चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस के बागी तेवर अपनाए जाने के कारण लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद केंद्रीय मंत्री के गुट को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नाम से मान्यता दी गई थी।
भवन निर्माण विभाग ने पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को नोटिस जारी कर 7 दिन के अंदर बंगला खाली करने के लिए कहा है।
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति पारस को पटना स्थित पार्टी ऑफिस खाली करना होगा। दरअसल, पटना में स्थित पार्टी ऑफिस का आवंटन रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने की वजह से ये कार्रवाई की गई है।
पारिवारिक तनाव के बाद अलग हुए चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस वाराणसी में एक साथ दिखे। पीएम मोदी के नामांकन के बाद एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने पीएम मोदी से मुलाकात की। इसी दौरान इन दोनों नेताओं ने भी एक साथ पीएम से मुलाकात की।
चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस अब खुलकर अपने भतीजे के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने चिराग पासवान के लिए चुनाव प्रचार तक करने की बात कही है। इसके लिए वह आमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं।
पशुपति पारस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया और कहा कि पीएम मोदी हमारे नेता हैं और उनका फैसला हमारे लिए सर्वोपरि है। तीसरी बार रिकॉर्ड तोड़ बहुमत से एनडीए की सरकार बनेगी।
पशुपति पारस हाजीपुर सीट मांग रहे थे जबकि यही सीट चिराग पासवान भी मांग रहे थे। हाजीपुर वही सीट है, जहां से चिराग के पिता रामविलास पासवान 9 बार लोकसभा सांसद रहे थे।
सवाल उठता है कि एनडीए में सीट नहीं मिलने के बाद चाचा पशुपति पारस अब क्या करेंगे। क्या वह इंडिया गठबंधन में जाएंगे या फिर अपनी पार्टी से अकेले चुनाव लड़ेंगे।
केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा कि हमारी पार्टी दलितों की पार्टी है। मैं बीजेपी की आधिकारिक लिस्ट का इंतजार कर रहा हूं और इसके बाद ही कोई फैसला लूंगा।
बीजेपी बिहार में 17 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है तो जेडीयू 16 सीट पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा और मांझी की पार्टी को एक-एक सीट मिल सकती है।
बिहार में जारी सियासी जोरआजमाइश के बीच केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने सारी तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने कहा है कि सब कुछ साफ हो गया है और 31 जनवरी तक बिहार में सरकार बदल जाएगी।
लोजपा के स्थापना दिवस के मौके पर वीणा देवी सांसद और स्व. रामविलास पासवान के पुत्र चिराग के साथ मंच पर पहुंची थी। इसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
दिवंगत रामविलास पासवान द्वारा स्थापित लोजपा उनके निधन के कुछ महीनों बाद 2021 में उस समय विभाजित हो गई थी, जब पशुपति कुमार पारस ने पार्टी के अन्य सांसदों के समर्थन से चिराग के खिलाफ विद्रोह कर दिया था।
पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि वह अपने भतीजे चिराग पासवान के लिए हाजीपुर लोकसभा सीट नहीं छोड़ेंगे। पारस ने कहा कि हम हर साल 28 नवंबर को लोजपा का स्थापना दिवस मनाते हैं। हम इस साल भी ऐसा करेंगे, लेकिन समारोह पटना की जगह हाजीपुर में आयोजित किया जाएगा।
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