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यूपी में 2027 का रण जीतने को तैयार BJP, देखें Coffee Par Kurukshetra में पूरी चर्चा

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jun 25, 2026 09:00 pm IST,  Updated : Jun 25, 2026 09:04 pm IST

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 'कोर्स करेक्शन' करते हुए यूपी बीजेपी ने पंकज चौधरी के नेतृत्व में अपनी नई संगठनात्मक टीम घोषित की है, जिस पर आज "कॉफी पर कुरुक्षेत्र" कार्यक्रम में चर्चा हुई।

इंडिया टीवी के लोकप्रिय कार्यक्रम "कॉफी पर कुरुक्षेत्र" में गुरुवार को उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई संगठनात्मक टीम और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में शो की एंकर पीनाज त्यागी और इंडिया टीवी के पॉलिटिकल एडिटर देवेंद्र पराशर के साथ मेहमान के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता और राजकुमार सिंह मौजूद रहे।

सामाजिक संतुलन पर विशेष फोकस

चर्चा के दौरान बताया गया कि यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। संगठन में गैर-यादव ओबीसी समुदाय को सबसे अधिक स्थान मिला है, जबकि ब्राह्मण समाज, महिलाओं और गैर-जाटव दलित वर्ग को भी प्रमुखता दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

लोकसभा चुनाव के बाद 'कोर्स करेक्शन' की कोशिश

कार्यक्रम में मौजूद विश्लेषकों ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले झटके के बाद बीजेपी सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। नई टीम के गठन को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चर्चा में यह भी कहा गया कि पार्टी ने संगठन में बदलाव के जरिए उन वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की कोशिश की है, जहां उसे पहले कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने पर जोर

विश्लेषकों ने इस बात पर भी चर्चा की कि बीजेपी लगातार नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। नई सूची में कई नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कई पुराने पदाधिकारियों को बाहर रखा गया है। इसे संगठन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

परिवारवाद पर भी उठे सवाल

कार्यक्रम में संगठन की नई सूची में शामिल कुछ नामों को लेकर परिवारवाद पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने का मौका मिल सकता है। हालांकि, यह भी तर्क दिया गया कि संगठन में स्थान पाने वाले कई नेताओं ने लंबे समय तक पार्टी और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई है।

चुनाव में संगठन से ज्यादा नेतृत्व की भूमिका अहम

चर्चा के दौरान यह राय भी सामने आई कि संगठनात्मक बदलाव महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन आगामी चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, चुनावी माहौल तैयार करने और मतदाताओं को प्रभावित करने में शीर्ष नेतृत्व का प्रभाव निर्णायक रहेगा, जबकि संगठन बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूती देने का काम करेगा।

विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण मुकाबले के संकेत

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि बीजेपी ने चुनावी तैयारी समय रहते शुरू कर दी है, जबकि विपक्षी दल अभी संगठनात्मक स्तर पर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और अधिक रोचक होने की संभावना है, जहां सामाजिक समीकरण और नेतृत्व दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

डिटेल में पूरी चर्चा देखने के लिए सबसे ऊपर दिए गए वीडियो पर क्लिक करें।

(डिस्क्लेमरः यह आर्टिकल कार्यक्रम में हुई चर्चा पर आधारित है और कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए विचार मेहमानों के निजी विचार हैं।)

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