कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीते कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR की प्रक्रिया के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को राहुल गांधी पार्टी नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे और वहां याचिका दायर की। अब भारतीय जनता पार्टी भी राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है और उन्हें कांग्रेस पार्टी का इतिहास याद दिलाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने काम को, अपने ट्रैक रिकॉर्ड को पूरी तरह नजरअंदाज करती है।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस को याद दिलाया इतिहास
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- "राहुल गांधी/कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालें तो इन्होंने एक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को टिकट देकर चुनाव उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद एक CEC को यूनियन कैबिनेट का हिस्सा बनाया था। इसके अलावा दो मुख्य चुनाव आयुक्तों को गवर्नर भी बनाया था। एक बार चीफ इलेक्शन कमिश्नर के यह कहने पर कि उनके नीचे काम करने वाला इलेक्शन कमिश्नर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है, उसे निकालने से इनकार कर दिया गया। ऐसा पक्षपात हमने शायद ही किसी सरकार में देखा होगा।"
पीयूष गोयल ने कहा- "कांग्रेस पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन की ईमानदारी का बखान किया करती थी। इसके बाद साल 1999 के चुनाव में कांग्रेस ने टीएन शेषन को लालकृष्ण आडवाणी के सामने उम्मीदवार बनाया। क्या ये पुरस्कार देने का काम नहीं था? साल 1996 से लेकर 2001 तक एम एस गिल भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। साल 2000 में पद पर रहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद्म विभूषण का सम्मान दिया गया था। क्या ये उनकी चापलूसी और कारनामों को पुरस्कार देना नहीं था? वह रिटायरमेंट के 3 साल बाद कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद उन्हें 2004 में राज्यसभा भेजा गया और 2008 में तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।"
पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आगे कहा- "टीकाराम मीणा केरल के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। एक साल बाद उन्हें कांग्रेस के राजस्थान मेनिफेस्टो की टीम शामिल किया गया। मई 2026 के दौरान रतन यू केलकर केरल के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। केरल में चुनाव होने के बाद तुरंत ही मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने रतन यू केलकर को अपना चीफ सेक्रेटरी बना दिया। क्या यह राजनीतिक रोटियां सेंकना नहीं है कि आप चुनाव में मदद कीजिए और हम आपको पद पर नियुक्त कर देंगे?"
राहुल गांधी के लिए परिवार सर्वोपरि- ललन सिंह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जदयू सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा- "पिछले कई दिनों से इस देश में जिस तरह से नौटंकी और ड्रामा कर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जनता उसे कभी माफ नहीं करेगी। देश में संविधान सर्वोपरि है, परिवार सर्वोपरि नहीं है। उनके लिए परिवार सर्वोपरि है और परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। आप (राहुल गांधी) सर्वोच्च न्यायालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या आज तक देश के इतिहास में ऐसा हुआ है कि किसी राजनीतिक दल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया हो? आप याचिका दायर नहीं कर सकते, और सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रयास का एकमात्र तात्पर्य यह है कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जाए, लेकिन यह मोदी जी का शासनकाल है और यहां दबाव काम नहीं करता।" आपको बता दें कि दिल्ली में सोमवार को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी और विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
राहुल गांधी, अपनी दादी के पदचिन्हों पर चल रहे- ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा- "राहुल गांधी, अपनी दादी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं और वे कांग्रेस पार्टी को 1974-75 के दौर में ले जाना चाहते हैं। जब सभी के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए थे। लाखों लोग जेल में थे, मैं भी जेल में था। जिस तरह उनकी दादी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश में आपातकाल लगा दिया, उसी तरह राहुल गांधी आज सत्ता पाने के लिए अराजकता की स्थिति पैदा करना चाह रहे हैं।"
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