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'लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में हम एकजुट', विपक्षी नेताओं के साथ बैठक के बाद बोले राहुल गांधी; जानें अन्य लीडर्स ने क्या कहा

 Written By: Amar Deep
 Published : Oct 13, 2026 05:44 pm IST,  Updated : Oct 13, 2026 06:14 pm IST

राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी दलों की एक बैठक हुई। राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं को चाय पर बुलाया था। इसके बाद सभी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

राहुल गांधी के आवास पर हुई विपक्ष की बैठक।- India TV Hindi
राहुल गांधी के आवास पर हुई विपक्ष की बैठक। Image Source : REPORTER INPUT

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने घर पर INDIA ब्लॉक के नेताओं और छात्र संगठनों व सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर बुलाया। राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर मौजूद नेताओं में RJD के तेजस्वी यादव और मनोज झा, महुआ माजी (JMM), हरेंद्र मलिक, आनंद भदौरिया और मोहिबुल्लाह नदवी (SP), एम ए बेबी (CPI-M), डी राजा और पी संतोष कुमार (CPI), AISA प्रमुख नेहा बोरा, दीपांकर भट्टाचार्य (CPI-ML) और महुआ मोइत्रा (TMC) शामिल हुए। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के अलावा पार्टी नेता के सी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, शशि थरूर और पवन खेड़ा भी मौजूद थे।

लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में हम एकजुट: राहुल गांधी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा, "हम सभी यहां एक होकर खड़े हैं। हमारे प्रदर्शन का एक मिशन है, लोकतंत्र को बचाना। हम एकजुट होकर लड़ रहे हैं। हम लोकतंत्र को दोबारा लाएंगे। लोकतंत्र में अपनी बात कहने का एक जरिया जंतर-मंतर था और अब सरकार ने तय किया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक भावनाएं जाहिर करने के लिए नहीं किया जा सकता। हम इस सोच को चुनौती देने जा रहे हैं। सरकार के लिए यह तय करना इतना आसान नहीं होगा कि भारत के लोग अपनी आवाज के लिए लड़ेंगे नहीं। जिन लोगों ने ऐसा किया है - मिस्टर मोदी, जो इसके मुख्य सूत्रधार हैं; मिस्टर अमित शाह, जो इसे लागू करने वाले हैं; मिस्टर ज्ञानेश कुमार और अन्य - उन्हें यह समझना होगा कि उन पर शिकंजा कस रहा है। यह इतना आसान नहीं होगा कि आप भारतीय संविधान को नष्ट कर दें और बच निकलें।"

राहुल गांधी ने आगे कहा, "हम सब यहां एक साथ खड़े हैं। जैसा कि मैंने कल कहा था, कोई समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है। सिर्फ एक ही विरोध प्रदर्शन है और इस विरोध का एक ही मकसद है: भारत में लोकतंत्र की बहाली। इस देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है। चुनाव प्रणाली को बर्बाद कर दिया गया है। संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है। हम इस देश में लोकतांत्रिक शासन, यानी असली लोकतांत्रिक शासन को बहाल करने के लिए मिलकर लड़ रहे हैं। मैंने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हमारी टीम ये रुकने वाली नहीं है। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, परसों नहीं तो छह महीने, छह महीने नहीं तो साल बाद भी हम रुकने वाले नहीं हैं। मैं आपको गारंटी देता हूं कि जिस शक्ति से हमने मोबिलाइज किया, उसी प्रकार से हम सब मिलकर लड़ते रहेंगे।"

वोट चोरी का पर्दाफाश करने के लिए तैयार: खड़गे

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "आपने पिछले चार दिनों में INDIA गठबंधन की पहलों की ज़बरदस्त सफलता देखी है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने जनता के मुद्दों को बहुत गंभीरता और लगन से उठाया। इतनी बड़ी संख्या में लोग शायद ही कभी इकट्ठा हुए हों। दिल्ली में यह पहली बार है जब युवा और नागरिक पूरी तरह से अपनी पहल पर एक साथ आए हैं। आपने यह देखा है, इसलिए मैं और विस्तार से नहीं बताना चाहता। अब हर कोई PM मोदी की वोट चुराने की योजना का पर्दाफ़ाश करने के लिए तैयार है।"

लोकतंत्र को बचाने के लिए हर कुर्बानी देंगे: तेजस्वी यादव

RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने किस तरह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की है। यह साफ तौर पर BJP, अमित शाह और मोदी जी की साजिश है। हम लोकतंत्र को बचाने के अपने संकल्प पर एकजुट हैं और इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी होगी, हम देंगे। यह गांधी जी, लोहिया जी, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर जी की धरती है। फिर भी, कुछ लोग देश की संवैधानिक संस्थाओं— चाहे वह ED हो, CBI हो या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट—पर कब्ज़ा करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। लेकिन चुनाव आयोग और खासकर ज्ञानेश गुप्ता तो दस कदम आगे निकल गए हैं। ज्ञानेश गुप्ता ने जिस तरह एक कठपुतली की तरह काम किया है, उन्हें सजा जरूर मिलेगी। ये लोग बच नहीं पाएंगे; वे डरे हुए हैं, और यह डर इस बात से साफ झलकता है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन की जगह बदल दी—जंतर-मंतर (ऐतिहासिक महत्व वाली जगह जहाँ पारंपरिक रूप से विरोध प्रदर्शन होते थे) से हटाकर दिल्ली की सीमाओं पर ले गए। यह कदम उनके डर को जाहिर करता है। हम यह लड़ाई जारी रखेंगे; हम एकजुट होकर लड़ेंगे और जीतेंगे। जिन लोगों ने यह साज़िश रची—चाहे वह मोदी जी हों, ज्ञानेश गुप्ता हों या अमित शाह—जिन्होंने वोटों की चोरी और चुनावों में धांधली करवाई, वे देश की जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं। अब हर नागरिक उनसे हिसाब मांग रहा है; उन्हें अपने कामों का जवाब देना होगा। उनके ख़िलाफ़ ज़रूर कार्रवाई होगी, और हम निश्चित रूप से अपने लोकतंत्र और संविधान को बचाने में सफल होंगे।"

अन्याय और दमन के खिलाफ पूरी ताकत से एकजुट: सुप्रिया सुले

NCP-SCP की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "हम INDIA गठबंधन के हिस्से के तौर पर पूरी ताकत के साथ एकजुट हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा क्योंकि इस देश में संविधान को कमजोर किया गया है और वह अभी खतरे में है। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान में सभी भारतीयों को जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा के लिए हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। एक सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति इन अधिकारों को कुचलने की कोशिश करके बहुत बड़ी गलती कर रहा है। हम इस अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ने के लिए पूरी ताकत से एकजुट हैं; हमारा आंदोलन दिल्ली से लेकर ज़मीनी स्तर तक जारी रहेगा।"

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