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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे, NDA के सांसदों ने किया जोरदार स्वागत, पहनाया पाग

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jul 27, 2026 01:16 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 01:27 pm IST

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जब संसद पहुंचे तो उनके समर्थन में खूब नारे लगे और उनका सम्मान भी किया गया।

Dharmendra Pradhan- India TV Hindi
संसद में पाग पहनाकर धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत Image Source : PTI

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जब संसद पहुंचे तो एनडीए के सांसदों ने मकरद्वार पर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान एनडीए के सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाए और उन्हें पाग पहनाया। इसका वीडियो भी सामने आया है। 

पाग क्या होता है?

पाग एक तरह की पगड़ी होती है, जिसे सम्मान, स्वागत और स्नेह दिखाने के लिए पहनाया जाता है। ये राजस्थान, मिथिला, गुजरात आदि क्षेत्रों में प्रचलित सम्मान और गर्मजोशी का पारंपरिक प्रतीक है। 

जानकारों का कहना है कि संसद में धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए के सांसदों द्वारा इस तरह से स्वागत ये मैसेज है कि धर्मेंद्र ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है, न कि किसी प्रेशर में। संसद के दोनों सदनों में जहां एक तरफ विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, वहीं दूसरी तरफ धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत का मामला भी चर्चा में रहा। 

बता दें कि विपक्ष के हंगामे की वजह से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित किया गया है।

सीजेपी के उग्र प्रोटेस्ट के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया था इस्तीफा

सीजेपी के उग्र प्रोटेस्ट के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था और अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके इस्तीफे के बारे में जानकारी दी थी। धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था, "मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।"

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था, "जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।"

बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ABVP से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद तक पहुंचे थे। 

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