बैलेट से चुनाव की मांग करने वाले लोग और चीफ इलेक्शन कमिश्नर का इस्तीफा मांगने वाले कई संगठन आज (शुक्रवार को) फिर सड़कों पर उतरे। आज होने वाले प्रोटेस्ट की कॉल 72 घंटे पहले दे दी गई थी। प्रशांत भूषण से लेकर योगेंद्र यादव तक और नेहा बोरा से लेकर एक्टर प्रकाश राज तक ने लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी। प्रोटेस्ट की ये कॉल पैन इंडिया के लिए दी गई थी लेकिन आज इलेक्शन कमीशन के खिलाफ होने वाले सारे प्रोटेस्ट पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। जयपुर में CPI-M, SFI और AICTU की तरफ से राजभवन घेराव करने की बात कही गई थी लेकिन शहीद स्मारक पर बमुश्किल 100 लोग ही जुट पाए। काफी देर तक लोगों की भीड़ आने का इंतजार हुआ, जब कोई नहीं आया तो राजभवन का घेराव रद्द हो गया।
दिल्ली में नहीं जुट पाई प्रदर्शनकारियों की भीड़
दिल्ली में भी ऐसी ही तस्वीरें दिखीं। लेफ्ट लीडर वृंदा करात ने प्रोटेस्ट को लीड किया, लेकिन भीड़ के नाम पर गिनती के लोग पहुंचे। आज दिल्ली में होने वाले प्रोटेस्ट में 15 से ज्यादा संगठन शामिल हुए लेकिन कोई संगठन 100 लोगों की भीड़ भी नहीं ला पाया। जितने प्रोटेस्टर्स पहुंचे, उससे ज्यादा वहां रील बनाने के लिए यू-ट्यूबर्स का जमावड़ा दिखा। नतीजा ये हुआ कि कुछ घंटों की नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद प्रोटेस्ट खुद ब खुद खत्म हो गया।
कॉल देने के बाद बड़े चेहरे ही रहे गायब
दिल्ली में होने वाले प्रोटेस्ट में सीजेपी के शामिल होने की भी बात कही गई थी। अभिजीत दिपके समेत तमाम सीजेपी लीडर्स के पोस्टर बैनर लाए गए थे लेकिन प्रोटेस्ट साइट पर कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आया। ना सीजेपी से कोई शामिल हुआ, ना प्रकाश राज आए और ना प्रशांत भूषण का कोई अता-पता लगा। जितने बड़े चेहरों ने लोगों से सड़क पर उतरने की अपील की थी आज वो सारे बड़े चेहरे खुद सड़कों से नदारद रहे।
विपक्ष में जितनी पार्टियां उतने राग
गौरतलब है कि अब विपक्षी दलों की कॉल पर प्रोटेस्ट में भीड़ नहीं जुट रही है। प्रोटेस्ट के नाम पर खुद विपक्षी दल एक साथ नहीं आ पा रहे हैं। 'जितनी पार्टियां उतने राग' वाली सिचुएशन हो गई है। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज कर दी है। नेहा ने 'पीस बॉन्ड' भरने के खिलाफ अपील की थी।
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