भारतीय चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटिंग वाले दिन छुट्टी का ऐलान किया है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदान करने का अधिकार सभी को है। ऐसे में हर संस्थान में काम करने वाले व्यक्ति को मतदान करने के लिए छुट्टी मिलेगी और इस छुट्टी का वेतन नहीं काटा जा सकेगा। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव का ऐलान किया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के तहत सभी को मतदान करने का अधिकार मिलना जरूरी है।
मतदान वाले दिन सरकारी कर्मचारियों को पूरी छुट्टी मिलती है। वहीं, निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी पेड लीव मिलती है। दिहाड़ी मजदूरों को भी पूरे वेतन के साथ छुट्टी मिलती है। अगर कोई कर्मचारी अपनी मतदान क्षेत्र से बाहर काम कर रहा है, तब भी उसे छुट्टी मिलती है ताकि वह वोट डाल सके।
मतदान की तारीखें
9 अप्रैल 2026 — असम, केरल, पुडुचेरी
23 अप्रैल 2026 — तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल (पहला चरण)
29 अप्रैल 2026 — पश्चिम बंगाल (दूसरा चरण)
इन तारीखों पर संबंधित राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, और चुनाव आयोग ने सभी नियोक्ताओं को पेड हॉलिडे देने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है।
किस राज्य में कितनी सीटों पर चुनाव
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में 9 अप्रैल को मतदान होना है। यहां फिलहाल बीजेपी सत्ता में है और मौजूदा समीकरण भी बीजेपी के पक्ष में हैं। केरल की सभी 140 सीटों पर भी 9 अप्रैल को ही मतदान होना है। इसके साथ ही पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी वोटिंग होनी है। इन सभी जगहों पर 9 अप्रैल को छुट्टी रहेगी। यहां उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं और चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है। तमिलनाडु की सभी 234 और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है। इसके साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र में उपचुनाव के लिए भी वोटिंग होगी। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर वोटिंग होगी।
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