कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को निरस्त कर एक नया कानून लाने की तैयारी पर सोमवार को कड़ा एतराज जताया। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर इस योजना से महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है और इसके पीछे सरकार का क्या मकसद है?
सरकार'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (मनरेगा) को निरस्त करने और इसके स्थान पर 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 नामक एक नया कानून बनाने के लिए लोकसभा में विधेयक लाने की तैयारी में है। विधेयक की प्रतियां लोकसभा सदस्यों को बांटी गई हैं।
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने मनरेगा के नाम बदलने की तैयारी पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, "जब किसी योजना का नाम बदला जाता है तो उसमें खर्च आता है। महात्मा गांधी जी का नाम क्यों हटा रहे हैं। इनका मकसद क्या है?" उनका यह बयान सरकार के उस कदम पर आया है, जिसके तहत मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025' किया जा सकता है।
केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में जारी गतिरोध को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ही सदन नहीं चलाना चाहती। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "सरकार खुद संसद में व्यवधान पैदा कर रही है। मुझे लगता है कि सरकार संसद चलाना ही नहीं चाहती है।"
प्रियंका गांधी ने यह भी बताया कि विपक्षी दलों ने प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग की थी, लेकिन वह चर्चा भी नहीं हो रही है। (भाषा इनपुट के साथ)
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