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उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्प होगा मुकाबला, NDA के राधाकृष्णन के खिलाफ विपक्ष ने बी सुदर्शन रेड्डी को उतारा

 Reported By: Vijai Laxmi, Edited By: Kajal Kumari
 Published : Aug 19, 2025 12:47 pm IST,  Updated : Aug 19, 2025 01:59 pm IST

उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर अब फैसला हो गया है। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया है।

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार- India TV Hindi
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार Image Source : FILE PHOTO

उपराष्ट्रपति पद के लिए आज विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। घोषणा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में उनके नाम का ऐलान कर दिया गया। इस तरह से अब एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने बी सुदर्शन रेड्डी होंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उम्मीदवारों के बीच उपराष्ट्रपति के पद के लिए मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। हालांकि नंबर गेम के मुताबिक एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार का पलड़ा भारी है।  

खरगे ने किया नाम का ऐलान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ हो रही बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए बी सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है।

खरगे ने आगे कहा, रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं। वह एक गरीब आदमी हैं और यदि आप कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की भी रक्षा की।"

बी सुदर्शन रेड्डी को क्यों चुना गया

जाति जनगणना के बाद तेलंगाना सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञ कार्य समूह (IEWG) का नेतृत्व सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने ही किया था। इस समिति ने राज्य सरकार को अपनी 300 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी। समूह ने कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक और जातिगत (SEEEPC) सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक, प्रामाणिक और विश्वसनीय बताते हुए कहा कि यह देश के लिए एक आदर्श बनेगा।

 

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