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अब ओडिशा में शुरू हुई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, पूर्व सीएम नवीन पटनायक खुद मैदान में उतरे, क्या है कारण?

 Written By: Subhash Kumar @ImSubhashojha
 Published : Jul 27, 2026 02:29 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 03:12 pm IST

अब ओडिशा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा के शिक्षा मंत्री नित्यानंद के इस्तीफे की मांग की है। ये पूरा विवाद किताब त्रुटि से जुड़ा है।

odisha education minister resignation demand- India TV Hindi
ओडिशा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग। Image Source : X(@NAVEEN_ODISHA)/X(@NITYANANDABJP)

ओडिशा में स्कूली बच्चों की पाठ्यपुस्तकों में सामने आई कई गंभीर गलतियों को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग की है। नवीन पटनायक का कहना है कि जब बच्चों की पढ़ाई से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय में बार-बार लापरवाही सामने आ रही है, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।

क्या बोले नवीन पटनायक?

नवीन पटनायक ने कहा कि पिछले कुछ समय में ओडिशा के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली कई किताबों में तथ्यात्मक और भाषाई गलतियां सामने आई हैं। उनका कहना है कि ऐसी गलतियां बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर डालती हैं और भविष्य में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। अपने बयान में नवीन पटनायक ने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण अपनाना चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल पिछले दो से तीन सप्ताह से लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है और सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहा है।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

हाल ही में ओडिशा की कुछ स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कई तरह की गलतियां सामने आईं थी। इनमें कुछ किताबों में वर्तनी संबंधी त्रुटियां, व्याकरण की गलतियां और तथ्यात्मक भूलें पाई गईं। कुछ अध्यायों में ऐतिहासिक तथ्यों और महत्वपूर्ण जानकारियों को गलत तरीके से प्रकाशित किए जाने पर भी सवाल उठे। इसके अलावा कुछ स्थानों पर शब्दों और वाक्यों की छपाई में भी त्रुटियां देखी गईं, जिससे छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। इन गलतियों के सामने आने के बाद अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई कि बच्चों को सही और प्रमाणिक जानकारी मिलनी चाहिए।

BJD ने लगाए बड़े आरोप

इस पूरे मामले को लेकर बीजू जनता दल लगातार सरकार को घेर रहा है। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा विभाग की ओर से पुस्तकों की सही तरीके से जांच नहीं की गई, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में गलतियां छात्रों तक पहुंच गईं। वहीं, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से भी सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही गई है।

शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बहस शुरू

पाठ्यपुस्तकों में हुई इन गलतियों ने पूरे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। फिलहाल यह मुद्दा ओडिशा की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों के केंद्र में बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस विवाद पर आगे क्या कदम उठाती है और पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों को सुधारने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)

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