1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 8वीं के बच्चे पढ़ रहे हैं 'निंबूड़ा-निंबूड़ा', स्कूल की किताब में ऐश्वर्या राय का फुल गाना छाप दिया

8वीं के बच्चे पढ़ रहे हैं 'निंबूड़ा-निंबूड़ा', स्कूल की किताब में ऐश्वर्या राय का फुल गाना छाप दिया

 Published : Jun 29, 2026 05:03 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 05:03 pm IST

ओडिशा में कक्षा 8 की एक किताब में गलती से 1999 की सुपरहिट फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' के फेमस गाने 'निंबूड़ा निंबूड़ा' के बोल छाप दिए गए हैं। यह मामला सामने आने के बाद इस पर विवाद शुरू हो गया है।

nimbuda nimbuda song in school book- India TV Hindi
ओडिशा में 8वीं कक्षा की किताब में एश्वर्या राय की फिल्म का निंबूड़ा-निंबूड़ा गाना छापा गया है। Image Source : YOUTUBE/REPORTER INPUT

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार की गई ओडिशा की नई स्कूली किताबों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले हजारों गलतियों को लेकर सवाल उठे थे और अब आठवीं कक्षा की कला शिक्षा की किताब 'कृति' में बॉलीवुड फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' से लोकप्रिय हुए 'निंबूड़ा-निंबूड़ा' गीत के बोल शामिल किए जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया है।

'रिंद पोश माल' गीत के बोल भी शामिल

आठवीं कक्षा की इस किताब के "मो संगीत जगत" अध्याय में पूरे राजस्थानी लोकगीत 'निंबूड़ा-निंबूड़ा' के बोल दिए गए हैं। यह गीत मूल रूप से एक पारंपरिक राजस्थानी लोकगीत है, जिसे साल 1999 में आई बॉलीवुड फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' के जरिए देशभर में बड़ी पहचान मिली थी। इतना ही नहीं, इसी अध्याय में 'रिंद पोश माल' गीत के बोल भी शामिल किए गए हैं, जिसे बॉलीवुड फिल्म 'मिशन कश्मीर' के जरिए लोकप्रियता मिली थी।

सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

इन गीतों को किताब में शामिल किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स, छात्र और अन्य लोग सवाल उठा रहे हैं कि ओडिशा की स्कूली किताब में राज्य के ओड़िया लोकगीतों या शास्त्रीय संगीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। कई लोगों का कहना है कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने वाले गीतों को पाठ्यक्रम में जगह मिलनी चाहिए।

नई पाठ्यपुस्तकों में मिलीं 1,678 गलतियां

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही समय पहले नई पाठ्यपुस्तकों में 1,678 गलतियां मिलने का मामला काफी चर्चा में रहा था। इन गलतियों में तथ्यात्मक त्रुटियां, व्याकरण संबंधी गलतियां और अनुचित सामग्री शामिल थी। ये त्रुटियां कई नई पाठ्यपुस्तकों में पाई गई थीं, जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किया गया था।

CM के निर्देश पर कराई गई जांच

इस मामले को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और विपक्षी दलों ने सरकार की कड़ी आलोचना की थी। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे ने बड़ा रूप ले लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

4 सीनियर एससीईआरटी अधिकारी सस्पेंड

सरकार ने चार वरिष्ठ एससीईआरटी अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी और तीन सहायक निदेशक शामिल हैं। इसके अलावा छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। जांच समिति ने कुल 14 सिफारिशें दी हैं। इनमें एससीईआरटी में मास्टर एराटा रजिस्टर बनाए रखने, सभी छात्रों तक समय पर संशोधन पहुंचाने और पाठ्यपुस्तकों की गहन समीक्षा के लिए एक अलग क्वालिटी एश्योरेंस सेल बनाने की सिफारिश शामिल है।

सरकार ने यह भी तय किया है कि भविष्य में किसी भी पाठ्यपुस्तक को भाषा, चित्रों, तथ्यात्मक शुद्धता और गुणवत्ता के सभी स्तरों पर पूरी मंजूरी मिलने के बाद ही छपाई के लिए भेजा जाएगा। अब आठवीं की किताब में 'निंबूड़ा-निंबूड़ा' और 'रिंद पोश माल' जैसे गीतों को लेकर शुरू हुआ नया विवाद एक बार फिर पाठ्यपुस्तकों की सामग्री और गुणवत्ता को लेकर बहस तेज कर रहा है।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें-

त्रुटि वाली किताबें वापस नहीं लेगी ओडिशा सरकार, क्लास में शिक्षक सुधारेंगे गलतियां

ओडिशा: कक्षा 1 से 8 तक की नई किताबों में 1678 गलतियां, न्यूटन को बता दिया 'महान पायलट'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत