1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'बांग्लादेश के इतिहास में ऐसा तो कभी नहीं हुआ...' थरूर के पैनल ने भारत को इस बात के लिए चेताया

'बांग्लादेश के इतिहास में ऐसा तो कभी नहीं हुआ...' थरूर के पैनल ने भारत को इस बात के लिए चेताया

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Dec 18, 2025 11:00 pm IST,  Updated : Dec 18, 2025 11:15 pm IST

भारत के सामने 1971 के बाद पहली बार बांग्लादेश को लेकर बड़ा स्ट्रैटेजिक चैलेंज खड़ा हुआ है। इसको लेकर संसदीय समिति ने चेताया कि पड़ोसी देश के हालात अराजक तो नहीं, लेकिन काफी संवेदनशील हैं।

Shashi Tharoor on bangladesh- India TV Hindi
बांग्लादेश के सियासी संकट पर शशि थरूर की अध्यक्षता वाले पैनल की रिपोर्ट। Image Source : PTI

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय विदेश मामलों की Parliamentary Standing Committee ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश में उभरते सियासी हालात 1971 के मुक्ति युद्ध के बाद से भारत के लिए सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती पेश कर रहे हैं। हालांकि ये हालात 'अराजकता और अव्यवस्था में नहीं बदलेंगे' फिर भी भारत को इसको संभालने में सावधानी बरतने की जरूरत है।

बांग्लादेश के हालात भारत के लिए चैलेंज क्यों?

समिति ने कहा, 'जहां 1971 का चैलेंज अस्तित्व, मानवीय और एक नए राष्ट्र के जन्म से जुड़ा था, वहीं बाद वाली चुनौती अधिक गंभीर है, जिसमें राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव, पीढ़ीगत असंतुलन और पॉलिटिकल ऑर्डर में शिफ्ट शामिल है।' यह भी कहा गया कि अगर भारत इस वक्त अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव करने में असफल रहता है, तो उसे ढाका में अपनी रणनीतिक जगह खोने का खतरा है। ये किसी युद्ध के कारण, बल्कि अप्रासंगिक होने की वजह से हो सकता है।

रिपोर्ट बनाने के लिए किनसे की गई बात?

बता दें कि पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने संसद में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है, जिसमें गैर-सरकारी एक्सपर्ट्स और सरकारी अधिकारियों से राय ली गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए चुनौती अब अस्तित्व वाली नहीं बल्कि ज्यादा गहरी और दीर्घकालिक नेचर की है।

विदेश नीति में हो सकता है बड़ा बदलाव

ढाका में हो रहा बदलाव भारत के लिए दीर्घकालिक चुनौती पेश करता है। कमेटी ने ये भी कहा कि 1971 के उलट, बांग्लादेश के वर्तमान हालात भारत के लिए अस्तित्व से जुड़ा खतरा नहीं है। हालांकि, चेतावनी दी गई कि ढाका में चल रहा पॉलिटिकल बदलाव और शिफ्ट दीर्घकालिक चुनौतियां पेश करेगा जो भारत की सिक्योरिटी और विदेश नीति को नया रूप दे सकता है।

बांग्लादेश में बढ़ रहा चीन-पाकिस्तान का प्रभाव

पैनल ने बांग्लादेश के अंदर बढ़ते चीन और पाकिस्तान के प्रभाव को भारत के लिए प्रमुख रणनीतिक चिंता बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव बांग्लादेश में भारत के पारंपरिक प्रभाव को कम कर सकता है। उसके पड़ोसी देशों की सुरक्षा से जुड़े आकलन को जटिल बना सकता है।

ये भी पढ़ें-

EXCLUSIVE: बांग्लादेशी नेताओं की नॉर्थ ईस्ट छीनने की धमकी ‘शेख चिल्ली के सपनों’ जैसी या खतरनाक साजिश? पढ़िए विदेश मामलों के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव से बातचीत

दिल्ली धमाकों की जांच के बीच बड़ी कामयाबी, NIA ने दबोचा 9वां आरोपी, जानें उसकी कारिस्तानी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत