लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अपराधियों की गिरफ्त में हैं। उन्होंने कहा, ‘कब किसकी हत्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। भाजपा की सरकार ने राज्य को डरा दिया है। इतने बुरे हालात प्रदेश में कभी नहीं रहे।’ सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने आरोप लगाया कि समाज विशेष के प्रति प्रशासन की उत्पीड़नकारी नीतियों के चलते कितने ही परिवार पुलिस उत्पीड़न के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई निर्दोषों को मुठभेड़ के बहाने मार दिया गया।
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‘आत्महत्या करने को मजबूर हुए लोग’
योगी सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार की उदासीनता और उत्पीड़न से परेशान कई लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो गए हैं। बुधवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश में लूट, अपहरण, बलात्कार की घटनाएं भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अखिलेश ने कहा, ‘महिलाएं, बच्चियां तक बलात्कार की शिकार हो रही हैं। बीजेपी राज में अपराधी स्वच्छंद है और इसके नेताओं के संरक्षण में हैं। उत्तम प्रदेश तो छोड़िए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को ‘हत्या प्रदेश‘ बना दिया है। क्या बीजेपी उत्तर प्रदेश की यही पहचान बनाना चाहती है? जब जनता को जान का भरोसा न हो तो फिर कैसा विकास और किस पर विश्वास?’
‘उत्तर प्रदेश में पूरी तरह अराजकता’
यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज पूरी तरह अराजकता व्याप्त है। उन्होंने कहा, ‘किसान कर्ज से लदा है, वह आत्महत्या करने को मजबूर है। सैकड़ों शिक्षामित्र अपनी जान गंवा चुके हैं। बीजेपी ने नौजवानों के सपनों की हत्या कर दी है। उनका भविष्य अंधकारमय है। नौकरी है नहीं, जो रोजगार में थे उनको भी बेरोजगार बनाया जा रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र में कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। व्यापारी लुट रहे हैं, उनकी हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा कुछ भी करते रहे किन्तु अपराधी और माफिया कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।’
‘दहशत में हैं उत्तर प्रदेश के लोग’
मुख्यमंत्री जी अगर सच बोल रहे हैं तो उन्हें इसका ब्यौरा श्वेतपत्र जारी कर देना चाहिए कि प्रदेश में कितने गैंग और कितने अपराधी सक्रिय हैं? कितने अपराधियों पर सरकार ने ईनाम घोषित कर रखा है और वे जेल में हैं या बाहर इसका ब्यौरा भी प्रकाश में आना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व संविधान की रक्षा करना है। यदि भाजपा राज के मनमानी रवैये पर रोक नहीं लगी तो लोकतंत्र मजाक बनकर रह जाएगा। ऐसे में विकास या प्रगति की बात बेमानी होगी। भाजपा राज में लोग दहशत में हैं और वे अपने को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।