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माता वैष्णो देवी का दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बस 20 फिट गहरे नाले में गिरी, एक की मौत, 40 से ज्यादा घायल

 Reported By: Manzoor Mir, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Aug 21, 2025 10:43 am IST,  Updated : Aug 21, 2025 11:48 am IST

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर गुरुवार को तीर्थयात्रियों से भरी एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए।

श्रद्धालुओं से भरी बस 20 फिट गहरे नाले में गिरी- India TV Hindi
श्रद्धालुओं से भरी बस 20 फिट गहरे नाले में गिरी Image Source : REPORTER INPUT

सांबाः श्री माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस गुरुवार सुबह सांबा जिले के जटवाल इलाके में दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 40 अन्य घायल हो गए। यह भीषण दुर्घटना सांबा जिले के जटवाल गांव में हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

बस में सवार थे करीब 70 यात्री

जानकारी के मुताबिक, सांबा जिले के जटवाल में बस का टायर फटने से बस 20 फिट गहरे नाले में गिर गई। हादसे में करीब 45 यात्री घायल हो गए जबकि एक श्रद्धालु की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बस उत्तर प्रदेश से श्री माता वैष्णो देवी जी कटरा आ रही थी। बस में 65 से 70 यात्री सवार थे।

गंभीर रूप से घायल एम्स विजयपुर रेफर

गंभीर रूप से घायल यात्रियों को सांबा जिला अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए एम्स विजयपुर रेफर किया गया है। यह बड़ा सड़क हादसा सांबा के जम्मू पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग जतवाल पर हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सांबा में हुए दुखद बस हादसे पर अपनी संवेदना व्यक्त की है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर कहा कि  मुख्यमंत्री ने माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों को ले जा रही सांबा में हुई दुखद बस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। 

इससे पहले उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को बादल फटने से प्रभावित किश्तवाड़ क्षेत्र में चल रहे बचाव अभियान पर टिप्पणी की और कहा कि किसी को भी जीवित पाना असंभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह आपदा हिमनद झीलों के टूटने के बजाय बादल फटने के कारण हुई। अब्दुल्ला ने कहा, "लापता लोगों को जीवित ढूंढना अब लगभग असंभव लग रहा है। इन परिस्थितियों में, हम ज़्यादा से ज़्यादा शवों को निकालकर उनके प्रियजनों को सौंपने की कोशिश करेंगे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, किश्तवाड़ में जो आपदा आई है, वह बादल फटने के कारण हुई थी, न कि हिमनद झील के टूटने के कारण।

रिपोर्ट- राही कपूर

 

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