जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कथित तौर पर एक ठुकराए हुए प्रेमी की साजिश का पर्दाफाश किया है। उसने अपनी पूर्व प्रेमिका के पति को ड्रग्स के मामले में फंसाने के लिए उसके गांदरबल के सफापोरा स्थित घर पर नशीले पदार्थों से भरा एक कूरियर भेजा। इस कूरियर ने एक बेगुनाह आदमी की जिंदगी लगभग बर्बाद कर दी थी। एक संदिग्ध कूरियर पैकेज की रूटीन जांच से शुरू हुई यह घटना एक सनसनीखेज कहानी में बदल गई, जिसमें एक एक्स-लवर ने अपनी गर्लफ्रेंड के पति को ड्रग्स बेचने वाले के तौर पर फंसाकर उसे खत्म करने की बेताब कोशिश की थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में तब सामने आया जब जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कड़ी मुहिम के बीच पहले से ही हाई अलर्ट पर चल रहे अधिकारियों ने एक खुफिया जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश से इंडिया पोस्ट के जरिए भेजे गए कूरियर कंसाइनमेंट को रोका। पैकेज के अंदर 4 किलोग्राम कोकीन पाउडर और शुद्ध चरस के चार पैकेट थे। पार्सल पर लिखा पता सीधे एक स्थानीय पोल्ट्री व्यवसायी, फैसल फिरदौस का था। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि एक प्रेम कहानी की आड़ में रची गई साजिश से उसकी आम जिंदगी बर्बाद होने वाली है।
पीड़ित ने क्या बताया?
पोल्ट्री फार्म चलाने वाले फैसल ने बाद में जांचकर्ताओं को बताया कि उसे धोखा दिया गया था। कुछ दिन पहले सऊदी अरब के एक नंबर से एक अनजान कॉलर ने उससे संपर्क किया था और कहा था कि पार्सल में उसके फार्म के लिए पोल्ट्री फूड के मुफ्त सैंपल हैं। कॉल पर भरोसा करते हुए, उस अनजान व्यापारी ने इसे एक बिजनेस का मौका समझकर स्वीकार करने की तैयारी कर ली। उसे जरा भी पता नहीं था कि यह पैकेज एक सोची-समझी साजिश के तहत बिछाया गया जाल था, जिसका मकसद उसे ड्रग्स बेचने वाला साबित करना और सालों तक जेल में डालना था।
जांच में क्या सामने आया?
जैसे-जैसे पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की, असली कहानी किसी सस्पेंस फिल्म की तरह सामने आने लगी। फैसल की शादी को अभी एक साल ही हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, उसकी पत्नी ने अपने अतीत के रिश्तों को पूरी तरह से खत्म नहीं किया था। जांचकर्ताओं को शक है कि शादी के बाद भी वह अपने एक्स-बॉयफ्रेंड के संपर्क में थी और कम से कम दो बार उससे मिली भी थी। पुलिस की पूछताछ के बाद महिला ने सच उगल दिया और कबूल किया कि वह अभी भी अपने एक्स-बॉयफ्रेंड के संपर्क में है। इसके बाद पुलिस ने जल्द ही उसके एक्स-लवर तारिक अहमद सूफी को हिरासत में ले लिया, जो श्रीनगर के जैनाकोट का रहने वाला है और अब पुलिस की हिरासत में है। तारिक पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता है; उस पर पूरी साजिश रचने का आरोप है।
आरोपी ने भूमिका कबूली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी तारिक ने अपनी भूमिका कबूल कर ली है। जलन और अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को वापस पाने की उम्मीद में, तारिक ने सरकार के सख्त एंटी-ड्रग कैंपेन को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्लान बनाया। फैसल के नाम पर ड्रग्स की एक बड़ी खेप रखकर, उसे उम्मीद थी कि यह युवा पति गिरफ्तार हो जाएगा, उसकी बदनामी होगी और वह हमेशा के लिए रास्ते से हट जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि उसके कबूलनामे से पता चलता है कि उसने बहुत सोच-समझकर यह साजिश रची थी। तारिक ने दावा किया है कि वह सोशल मीडिया ऐप के जरिए अरीब नाम के एक व्यक्ति से मिला था। उसने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश से ड्रग्स भेजने का इंतजाम करने के लिए अरीब को 9,500 रुपये दिए। एक टेढ़े-मेढ़े तरीके से, तारिक ने पहले ड्रग्स अरीब को भेजे और फिर यह पक्का किया कि उन्हें फैसल फिरदौस के नाम और पते पर कूरियर किया जाए। जाल बिछा दिया गया था। अब बस उस बेगुनाह पोल्ट्री व्यापारी के उस जाल में फंसने का इंतजार था।
पत्नी की भूमिका की भी जांच जारी
जहां एक तरफ तारिक हिरासत में है, वहीं फैसल की पत्नी की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस इस संभावना से इनकार नहीं कर रही है कि उसे अपने पुराने प्रेमी के साथ लगातार संपर्क के बारे में पता हो सकता है या उसने इसमें मदद भी की हो। जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और मकसद की कड़ियों को जोड़ रहे हैं, इसलिए उसकी भूमिका की गहराई की भी गहन जांच हो रही है।
उत्तर प्रदेश भेजी गई स्पेशल टीम
वहीं, अब यह पूरा मामला कई राज्यों से जुड़ गया है। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल पुलिस की एक स्पेशल टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई है ताकि ड्रग्स के स्रोत का पता लगाया जा सके, अरीब की पहचान की जा सके और इस कथित साजिश की हर कड़ी को समझा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि वे उस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटे हैं जो एक आम व्यापारी को ऐसे अपराध में फंसाने में लगभग सफल हो गया था जिसे उसने किया ही नहीं था। जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के खिलाफ चल रही बड़ी लड़ाई में, यह मामला न केवल जब्त किए गए ड्रग्स की मात्रा के कारण, बल्कि मानवीय भावनाओं और जहरीली हो चुकी जलन के कारण भी अलग नजर आता है।
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