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श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई 'अमरनाथ छड़ी मुबारक' पूजा, इसकी अहमियत जानिए

 Reported By: Manzoor Mir Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 12, 2026 03:19 pm IST,  Updated : Aug 12, 2026 03:33 pm IST

श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच 'अमरनाथ छड़ी मुबारक' पूजा संपन्न हो गई है। इस पूजा में देश को अलग-अलग राज्यों से साधु-संत शामिल हुए। आइए जानते हैं इस पूजा की अहमियत के बारे में।

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शंकराचार्य मंदिर में 'अमरनाथ छड़ी मुबारक' पूजा। Image Source : REPORTER

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शंकराचार्य मंदिर में 'अमरनाथ छड़ी मुबारक' की पूजा की गई। इस अनुष्ठान में महंत दीपेंद्र गिरी और देश भर के अलग-अलग राज्यों से आए कई साधु-संत शामिल हुए। आपको बता दें कि छड़ी मुबारक आगामी 22 अगस्त को श्रीनगर से पहलगाम के लिए रवाना होगी। इस साल, छड़ी मुबारक की अंतिम पूजा 28 अगस्त को अमरनाथ गुफा में की जाएगी।

सदियों पुरानी परंपरा

श्रीनगर के दशनामी अखाड़े में स्थित शिव मंदिर में, पवित्र अमरनाथ गुफा जाने वाली छड़ी मुबारक की पूजा "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों के बीच की गई। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, गुफा ले जाने से पहले शंकराचार्य मंदिर में छड़ी मुबारक की पूजा की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महंतों और साधुओं के साथ शामिल हुए। परंपरा के मुताबिक, कल शारिका देवी मंदिर में एक अनुष्ठान किया जाएगा, जिसके बाद छड़ी मुबारक को पहलगाम होते हुए गुफा ले जाया जाएगा।

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Image Source : REPORTERअमरनाथ छड़ी मुबारक पूजा।

क्या है इस पूजा का महत्व?

आपको बता दें कि छड़ी मुबारक पूजा का बड़ा महत्व है। माना जाता है कि अमरनाथ यात्रा पारंपरिक रूप से छड़ी मुबारक की शुरुआती पूजा के साथ ही शुरू होती है। इस पवित्र छड़ी को कश्मीर के कई मंदिरों में ले जाया जाता है, जहां इसकी पूजा की जाती है। अमरनाथ गुफा में अंतिम समारोह पूरा होने के बाद, पहलगाम में लिद्दर नदी के किनारे अंतिम अनुष्ठान के साथ यह यात्रा संपन्न होती है।

अंतिम अनुष्ठान के साथ होगा यात्रा का समापन

22 अगस्त को छड़ी मुबारक को श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से कश्मीर के कई मंदिरों से होते हुए पहलगाम ले जाया जाएगा। परंपरा के अनुसार, 22 और 23 अगस्त को पहलगाम में लिद्दर नदी के किनारे अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद, यह यात्रा 24 अगस्त को चंदनवाड़ी और 25 अगस्त को शेषनाग पहुंचेगी। पंचतरणी में दो रात (26 और 27 अगस्त) रुकने के बाद, यह 28 अगस्त को पवित्र गुफा पहुंचेगी, जहां अंतिम अनुष्ठान के साथ इस साल की अमरनाथ यात्रा का समापन होगा। इसके बाद, छड़ी मुबारक को वापस दशनामी अखाड़े लाया जाता है, जहां इसे अगले साल तक रखा जाता है।

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Image Source : REPORTERश्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर पूजा के दृश्य।

खराब मौसम के कारण रोकी गई अमरनाथ यात्रा

आपको बता दें कि इस साल, 57 दिन की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी। इस दौरान, 4.67 लाख तीर्थयात्रियों ने 'बाबा बर्फानी' के दर्शन किए। हालांकि, खराब मौसम के कारण 8 अगस्त से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। बारिश से खराब हुए ट्रेक के हिस्सों की मरम्मत और रखरखाव के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों रास्तों पर यात्रा रोक दी गई है। फिर भी, परंपरा के अनुसार, 'छड़ी मुबारक' 22 अगस्त को श्रीनगर से पहलगाम के रास्ते पवित्र गुफा तक ले जाई जाएगी।

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