जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किया और वापस श्रीनगर लौट आए हैं। उन्होंने अपनी यात्रा को बहुत सुखद बताया है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बहुत अच्छा सफर रहा। फारूक अब्दुल्ला बुधवार को कटरा से वंदे भारत ट्रेन से वापस श्रीनगर लौटे हैं। वह इसी ट्रेन से श्रीनगर से कटरा गए थे। बता दें कि हाल ही में चिनाब ब्रिज के उद्घाटन के बाद श्रीनगर से कटरा के बीच ट्रेन सेवा की शुरुआत कर दी गई है। मंगलवार को फारूक अब्दुल्ला ने वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की थी।
उम्मीद है कि हमें वह मिलेगा...- फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर नौगाम रेलवे स्टेशन पर फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने अच्छे से दर्शन किए और अच्छा सफर रहा। फारूक ने कहा- "उम्मीद है कि हमें वह मिलेगा जिसके लिए मैंने प्रार्थना की।" फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए ट्रेन सबसे बड़ा तोहफा है। इससे हमारे फल अब भारत के अन्य हिस्सों तक तेजी से पहुंच सकते हैं, और कश्मीर के लोग देश भर में कहीं भी आसानी से यात्रा कर सकते हैं।
मेरे जीवनकाल में सपना पूरा हो गया- फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर-कटरा के बीच रेल सेवा की शुरुआत से कश्मीर आखिरकार देश के रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। फारूक अब्दुल्ला ने इसे लेकर कहा- "यह एक ऐसा सपना है जो मैंने लंबे समय से संजोया था। और आज मुझे लगता है कि यह मेरे जीवनकाल में पूरा हो गया है।"
हमें हमेशा दिव्य शक्ति को याद रखना चाहिए- फारूक अब्दुल्ला
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्होंने माता वैष्णो देवी मंदिर में सभी के लिए प्रार्थना की है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा- "हमें हमेशा उस दिव्य शक्ति को याद रखना चाहिए जो हमें आशीर्वाद देती है और उन लोगों के प्रति आभारी होना चाहिए जिन्होंने इस ट्रेन को वास्तविकता बनाने में मदद की।" फारूक अब्दुल्ला ने वंदे भारत ट्रेन सेवा की भी प्रशंसा की और इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिये सबसे बड़ा उपहार बताया। उन्होंने कहा कि आखिरकार वो दिन आ गया है जब हम कश्मीर से देश की यात्रा ट्रेन से कर सकते हैं। फारूक अब्दुल्ला ने दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज को बनाने वाले सभी श्रमिकों और इंजीनियरों को भी बधाई दी।
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