1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट, गिरेंगे ओले; पहाड़ों पर होगी बर्फबारी

पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट, गिरेंगे ओले; पहाड़ों पर होगी बर्फबारी

 Reported By: Manzoor Mir Edited By: Mangal Yadav
 Published : Apr 03, 2026 09:30 am IST,  Updated : Apr 03, 2026 09:33 am IST

जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित बर्फबारी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है, जबकि मैदानी इलाकों में रहने वालों को आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं से सावधान रहने को कहा गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 36 घंटों में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) जम्मू और कश्मीर को प्रभावित करने वाला है, जिससे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में इस सिस्टम के साथ तेज़ हवाएं (तूफ़ान) भी चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओले भी पड़ सकते हैं। 

भारी बारिश से अचानक बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक, भारी बारिश से संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash floods) का खतरा भी हो सकता है। ऊंचे इलाकों और पहाड़ी दर्रों जिनमें ज़ोजिला, सिंथन टॉप, मुगल रोड, साधना टॉप और राजदान टॉप शामिल हैं में ताजा बर्फबारी होने की संभावना है। रविवार तक मौसम की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है, हालांकि उस दिन भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।

बारिश के साथ बर्फबारी का भी अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अप्रैल को कई जगहों पर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फ़बारी होने की संभावना है। इस दौर के साथ गरज-चमक, ओले और तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति कुछ जगहों पर 40–50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 7 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। रुक-रुककर बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव भी हो सकता है, जिससे शहरी आवागमन और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

लोगों के लिए जारी की गई चेतावनी

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी गई है कि वे अगले 24 घंटे के दौरान अपनी खेती-बाड़ी की गतिविधियां रोक दें, क्योंकि बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है या बुवाई में बाधा आ सकती है। यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं, खासकर उन रास्तों पर जहां भूस्खलन और मौसम संबंधी बाधाओं का खतरा रहता है। ऐसी स्थितियों में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पत्थर गिरने और अस्थायी रूप से रास्ता बंद होने का खतरा विशेष रूप से बना रहता है।

 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।