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PM मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा स्थगित, 19 अप्रैल को नहीं होगा चिनाब पुल का उद्घाटन; इस वजह से लिया फैसला

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Apr 16, 2025 06:46 am IST,  Updated : Apr 16, 2025 06:48 am IST

19 अप्रैल को पीएम मोदी उधमपुर में चिनाब नदी पर बने ऐतिहासिक रेलवे पुल का निरीक्षण और लोकार्पण करने वाले थे। इसी दिन कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन का परिचालन भी शुरू होना था। प्रधानमंत्री इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने वाले थे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को चिनाब पुल का लोकार्पण करने वाले थे। Image Source : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 19 अप्रैल को होने वाला जम्मू-कश्मीर दौरा स्थगित हो गया है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन भी टल गया है। पीएम मोदी को कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी भी दिखानी थी। लेकिन पीएम मोदी का आगामी दौरा फिलहाल स्थगित हो गया है।  

PM मोदी का दौरा क्यों टला?

हालांकि रेलवे प्रशासन ने इस बारे में अधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं बताई है लेकिन पीएम के दौरे की तैयारियों से जुड़े सूत्रों अनुसार, मौसम विभाग की चेतावनी के कारण यह कार्यक्रम स्थगित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 18-19 अप्रैल को कटरा और उसके आस पास के क्षेत्रों में मौसम खराब रहेगा और भारी वर्षा की संभावना है।

बेसब्री से इंतजार कर रहे थे लोग

बता दें कि 19 अप्रैल को पीएम मोदी उधमपुर में चिनाब नदी पर बने ऐतिहासिक रेलवे पुल का निरीक्षण और लोकार्पण करने वाले थे। इसी दिन कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन का परिचालन भी शुरू होना था। प्रधानमंत्री इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने वाले थे। बड़ी संख्या में लोग पहले दिन वंदे भारत में यात्रा करने और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब उन्हें इसके लिए कुछ और दिन इंतजार करना पड़ेगा।

एफिल टॉवर से भी ऊंचा है चिनाब पुल

  • सलाल बांध के पास चिनाब नदी पर 1,315 मीटर लंबे इस पुल की मुख्य मेहराब की चौड़ाई 467 मीटर है और यह 266 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवा को सह सकता है।
  • यह पुल ऊंचाई में एफिल टॉवर से भी ऊंचा है तथा नदी तल से रेल स्तर तक कुतुब मीनार से लगभग पांच गुना ऊंचा है।
  • इंजीनियरिंग के इस चमत्कार के निर्माण में 28,000 मीट्रिक टन से अधिक इस्पात का उपयोग किया गया।
  • भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली केबल क्रेन प्रणाली शुरू की गई- जिसका उपयोग 915 मीटर चौड़ी खाई में सामग्री ले जाने के लिए किया गया। इसमें दो विशाल केबल कार और 100 मीटर से अधिक ऊंचे खंभे थे।
  • यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है और यह न केवल भूभाग को बल्कि आकांक्षाओं को भी जोड़ता है- यह मार्ग कश्मीर घाटी को शेष भारत से सभी मौसमों में भरोसेमंद रेल संपर्क मुहैया कराता है।

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