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सावन के आखिरी सोमवार को मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में भीड़ हुई बेकाबू, मची अफरा-तफरी

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 24, 2026 10:07 am IST,  Updated : Aug 24, 2026 12:43 pm IST

सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जाता है कि इसी दौरान श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और कुछ श्रद्धालु गिर गए।

Madhepura- India TV Hindi
सिंहेश्वर मंदिर में भीड़ हुई बेकाबू, Image Source : REPORTER INPUT

मधेपुरा में सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से सोमवार सुबह अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुबह करीब 8 बजे के बाद जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। इस दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कतार टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। 

भीड़ के दबाव में लोगों में बेचैनी होने लगी। इस दौरान लगभग आधा दर्जन श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया। बताया गया कि भीड़ के दबाव में उनकी वर्दी तक फट गई। घायलों को तत्काल जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। 

Madhepura Singheshwar Temple
Image Source : REPORTER INPUTमधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में मची भगदड़

रात एक बजे से ही जुटने लगे थे श्रद्धालु

बताया गया कि रविवार रात करीब 1 बजे सरकारी पूजा के बाद मंदिर का पट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर पहुंचने लगे। देखते ही देखते भीड़ काफी बढ़ गई। बेकाबू भीड़ के चलते हालात बिगड़ने की सूचना मिलने पर मधेपुरा डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ समेत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाकर जलाभिषेक कराया गया।

धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील 

मंदिर न्यास समिति और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था संभाली। घायलों में सहरसा के सोनबरसा थाना क्षेत्र के जलसीमा वार्ड 4 निवासी घायल रूना देवी, सुपौल के मानगंज निवासी सिन्टू कुमार, सिपाही सिद्धांत कुमार, सुलेना देवी शामिल है।

 भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी-डीएम

वहीं जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और एसपी संदीप सिंह ने बाद में स्थिति स्पष्ट की। डीएम ने कहा कि मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी। सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच भीड़ बढ़ने पर निर्धारित SOP के तहत मुख्य गेट को बीच-बीच में बंद कर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया गया। बाहर पर्याप्त जगह होने के कारण भीड़ को वहां फैलाया गया। डीएम ने बताया कि कुछ श्रद्धालु डिहाइड्रेशन के कारण अस्वस्थ हुए, जिन्हें मेडिकल कैंप में उपचार दिया गया। सीढ़ी से पैर फिसलने और बैरिकेडिंग में पैर फंसने से एक-दो श्रद्धालुओं को हल्की चोट लगी, जिनका इलाज कराया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर में लगी लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग कहीं से नहीं टूटी है। 

बैरिकेडिंग नहीं टूटी-एसपी

एसपी संदीप सिंह ने कहा कि न बैरिकेडिंग टूटी और न भगदड़ मची। उन्होंने कहा कि भीड़ बढ़ने पर मुख्य गेट बंद कर श्रद्धालुओं को क्यू में व्यवस्थित किया जाता है। एक महिला के फिसलने से सिर में सतही चोट आई, जबकि ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी के पैर में मोच आने पर उसे उपचार के लिए भेजा गया। एसपी ने बताया कि मंदिर में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल कैंप की व्यवस्था पिछले तीन वर्षों से SOP के तहत है।

बता दें कि इससे पहले पिछले सोमवार (17 अगस्त) को लखीसराय स्थित ऐतिहासिक अशोक धाम (इन्द्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में भगदड़ मचने से 7 महिलाओं की मौत हो गई थी जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। यहां बिजली के पोल में करंट की अफवाह फैलने के बाद भगदड़ मच गई थी। सावन के तीसरे सोमवार को अशोक धाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान हालात बेकाबू होने लगे।  (रिपोर्ट - मनीष कुमार, मधेपुरा )

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