JPSC के एग्जाम में हुई गड़बड़ी का मुद्दा गरमा गया है। झारखंड में आज (शुक्रवार को) भी छात्रों ने प्रदर्शन किया और JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। छात्रों के समर्थन में बीजेपी के सांसद भी उतरे और उन्होंने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। बीजेपी ने कहा कि सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है।
झारखंड के एग्जाम में धांधली पर क्यों चुप है कांग्रेस?
बीजेपी का कहना है कि इस मामले में JPSC चेयरमैन ख्यांग्ते का इस्तीफा हो चुका है। बाकी मेंबर्स को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है। सरकार उन्हें क्यों बचा रही है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि कांग्रेस संसद में पेपर लीक पर इतना हल्ला मचाती है। वो झारखंड के मुद्दे पर चुप क्यों है। क्या राहुल गांधी झारखंड को देश का हिस्सा नहीं मानते या फिर उन्होंने झारखंड के लिए पेपर लीक का कोई दूसरा पैमाना सेट किया हुआ है।
आयोग के पूर्व अध्यक्ष से सोमवार को फिर होगी पूछताछ
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन लंबी पूछताछ की। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद उन्हें देर शाम जाने की अनुमति दी गई, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सीआईडी ने उन्हें सोमवार को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है।
जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का किया जा रहा मिलान
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन और निजी एजेंसी की भूमिका समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ख्यांग्ते से सवाल-जवाब कर रही है। पूछताछ के दौरान, जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का भी मिलान किया जा रहा है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि जांच की दिशा को देखते हुए संभावनाओं पर नजर रखी जा रही है।
CID ने जब्त किया एल. ख्यांग्ते का पासपोर्ट
सीआईडी इससे पहले भी दो दिनों तक एल. ख्यांग्ते से लंबी पूछताछ कर चुकी है। पहले दिन करीब आठ घंटे और दूसरे दिन लगभग नौ घंटे तक उनसे सवाल पूछे गए थे। जांच के दौरान उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है, ताकि जांच पूरी होने तक उनके विदेश जाने की संभावना पर रोक लगाई जा सके।
सरकारी आवास और कार्यालय में हो चुकी है छापेमारी
सीआईडी ने पूछताछ से पहले ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे चली कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई और आवश्यक रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए।
परीक्षा संचालन एजेंसी के कार्यालय की भी हुई तलाशी
जांच के दौरान, परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली गई। यहां से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए। वहीं, जेपीएससी कार्यालय से ओएमआर शीट, कंप्यूटर और अन्य भर्ती संबंधी दस्तावेज भी सीआईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं।
मामले में अब तक 11 गिरफ्तार
इस मामले में सीआईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता भी शामिल हैं। जांच एजेंसी पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच जारी है।
CID ने एक अभ्यर्थी को किया गिरफ्तार
दूसरी तरफ, झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान सुमन सौरभ के रूप में हुई है। उसे हजारीबाग पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अनुचित तरीके से परीक्षा में हासिल की थी सफलता
CID की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह कार्रवाई CID थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के दौरान की गई। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाकर सफलता हासिल की थी।
आरोपी अभ्यर्थी ने कबूला अपना गुनाह
पूछताछ के दौरान, सुमन सौरभ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि, जांच एजेंसी को उसके पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी बरामद नहीं हुई है। CID ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अनुसंधान के दौरान जो भी नए साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
धांधली से जुड़े अन्य लोगों की जांच में जुटी एजेंसी
जांच एजेंसी अन्य संभावित पहलुओं और संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसे लेकर CID लगातार साक्ष्य जुटाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
(इनपुट- मुकेश सिन्हा)