संसद के मानसून सत्र में सोमवार (28 जुलाई) को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी है। इससे जुड़े सवाल पर पत्रकारों से बात करते हुए रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि सरकार सत्र की शुरुआत से ही ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार थी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी नेता कोई चर्चा नहीं करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरों में बने रहना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोमवार को वह बताएंगे कि पीएम मोदी की अगुआई में कैसे ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया।
झारखंड की राजधानी रांची में एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर पर कल से लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होगी। जब से संसद का सत्र शुरू हुआ है तभी से हम इसके लिए तैयार थे लेकिन विपक्ष की यह मंशा नहीं थी। वे(विपक्ष) केवल खबरों में बने रहना चाहते हैं। चर्चा करने से समाधान निकलता है, लेकिन वे केवल चर्चा से भागते हैं। देश की जनता सब देखती है। आपको चुनकर केवल इसलिए नहीं भेजा गया कि आप (सदन में)दिन भर शोर करें और पर्चे फाड़कर फेंके। हम कल बताएंगे कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और हमारे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में हमने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।"
एनसीईआरटी किताब में शामिल हुआ ऑपरेशन सिंदूर का पाठ
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अपने सिलेबस में ऑपरेशन सिंदूर का पाठ शामिल करने का फैसला किया है। बच्चों को इस ऑपरेशन के बारे में बताया जाएगा। भारत सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को खत्म करने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया था और आगे भी यह ऑपरेशन जारी रहेगा। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह किए थे। इससे पहले जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों पर हमला किया था और 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के जरिए पहलगाम हमले में मारे गए लोगों का बदला लिया गया।