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झारखंड समेत 3 राज्यों का मोस्ट वांटेड शूटर शंकर डे उर्फ पिंकू गिरफ्तार, 17 साल पहले धनबाद के कारोबारी की थी हत्या

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Oct 14, 2026 12:59 pm IST,  Updated : Oct 14, 2026 01:07 pm IST

कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में मोस्ट वांटेड शूटर शंकर डे को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। गोली लगने से घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती करवाती पुलिस- India TV Hindi
घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती करवाती पुलिस Image Source : REPORTER

झारखंड में धनबाद के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड के कथित शूटर शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 25 जून 2009 की शाम बैंक मोड़ स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड, पुराना बाजार के पास उनके आवास के नजदीक रंगदारी की मांग पूरी न होने पर उनकी गोली मारकर हत्या की गई थी। इस चर्चित हत्याकांड के बाद लंबे समय से फरार चल रहे शंकर डे को मंगलवार देर रात धनबाद-बंगाल बॉर्डर से लगे मैथन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

मैथन से कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस को शंकर डे के बारे में गुप्त सूचना मिली थी कि वह धनबाद-बंगाल बॉर्डर से लगे मैथन क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना पर मैथन पुलिस ने मंगलवार देर शाम छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया और गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और घटनास्थल की पहचान कराने के लिए नवादा जंगल ले गई।

भौरा घाटी में कैसे चली गोली

नवादा जंगल के पास भौरा घाटी में हथियार बरामदगी के दौरान शंकर डे ने अचानक एक ASI की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें शंकर डे के पैर में गोली लग गई। वह घायल हालत में गिरफ्तार हुआ और उसे एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर उसके पैर से गोली निकाली गई।

रंगदारी के विवाद में हुई थी हत्या

बिहारी लाल चौधरी धनबाद के जाने-माने कपड़ा व्यवसायी थे। 25 जून 2009 की शाम उन पर उनके पुराने बाजार स्थित आवास के पास हमला हुआ था। पुलिस को शुरू से ही रंगदारी की मांग पूरी न होने को इस हत्या का प्रमुख कारण माना गया था। हमलावरों ने उन्हें गोली मारकर घातक चोट पहुंचाई, जिससे उनकी मौत हो गई।

साथी की हत्या का खुलासा

पूछताछ में शंकर डे ने जुलाई महीने में अपने ही सहयोगी राम प्रताप प्रसाद की हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों गोंदूडीह और बरवाअड्डा क्षेत्र में हुई एक लूट में शामिल थे। लूट की रकम की हिस्सेदारी को लेकर विवाद होने के बाद शंकर डे ने राम प्रताप को गोली मारकर मार डाला और शव को नवादा जंगल में फेंक दिया।

18 जुलाई को जंगल में गोली से छलनी युवक का शव मिला था, जिसकी पहचान शुरू में नहीं हो पाई थी। बाद में पीड़ित की पत्नी की शिकायत और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने शंकर डे तक पहुंचने का रास्ता तलाशा।

कई राज्यों में दर्ज हैं संगीन मामले

पुलिस के अनुसार, दुर्गापुर के कुष्ठली निवासी शंकर डे के खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हत्या, धमकी, अपहरण, लूट और डकैती जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। अब पुलिस उससे बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में उसकी सटीक भूमिका, अन्य आरोपियों की पहचान और हथियारों के स्रोत का खुलासा कराने की जांच कर रही है।

रिपोर्ट- कुंदन सिंह

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