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Covid-19 के दौर में भी नौकरियां दें कंपनियां: निशंक

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 07, 2020 03:57 pm IST,  Updated : Apr 07, 2020 04:05 pm IST

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कंपनियों से अपनी अपील में आग्रह किया कि कोरोनावायरस के कारण आर्थिक संकट के बावजूद तकनीकी शिक्षण संस्थानों के होनहार छात्रों को दी हुई नौकरियां मान्य रखें।

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ramesh pokhriyal nishank says companies to give jobs even in covid 19 era

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कंपनियों से अपनी अपील में आग्रह किया कि कोरोनावायरस के कारण आर्थिक संकट के बावजूद तकनीकी शिक्षण संस्थानों के होनहार छात्रों को दी हुई नौकरियां मान्य रखें। उन्होनें इस बात पर जोर दिया कि यह संकट अल्पकालिक है और सरकार जल्द से जल्द देश को इस संकट से निकालने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने उन छात्रों की जो इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट के तहत नौकरी के इंतजार में हैं , की चिंताओं को दूर करते हुए कहा, "हमने ऐसे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही कंपनियों से आग्रह किया है कि वो कोरोनावायरस महामारी की वजह से हुए संकट के समय को ध्यान रखते हुए उनको कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी दें।"हाल में कुछ खबरें आ रही थीं कि कुछ कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट में दी गयी नियुक्तियों को अमान्य कर दिया है।

इस पर निशंक ने कहा, "कंपनियों को यह समझना चाहिए कि कोरोनावायरस की वजह से अभी संकट है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। ऐसे में नियुक्तियों को अमान्य करना ठीक नहीं है। कंपनियां होनहार छात्रों को नौकरियों पर रख कर ही इस संकट से जल्द से जल्द उबर सकती हैं। ये छात्र ही भविष्य में देश को आगे ले जायेंगे।"

निशंक ने कहा, "कोरोनावायरस की वजह से सभी देशवासियों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर सभी लोग इस महामारी के खिलाफ जंग में एकजुट हैं। इस संकट के समय में मानव संसाधन मंत्रालय का प्रथम कर्तव्य छात्रों की समस्याओं को हल करना है। छात्रों की पढाई का नुकसान न हो इसके लिए मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया के तहत ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली शुरू कर दी है जो कि हर उम्र वर्ग के छात्रों के लिए उपलब्ध है और जिसका लाभ करोड़ों विद्यार्थी उठा भी रहे हैं।

इसका लाभ छोटी कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा होगा, क्योंकि इससे उनका शैक्षणिक सत्र का नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को भी इससे काफी लाभ हो रहा है।"मंत्रालय की अपील के बाद आईआईटी दिल्ली के निदेशक रामगोपाल राव ने भी कंपनियों से अपील की है कि वो संकट के इस दौर में छात्रों के प्रति थोड़ा नरम रवैया अपनाएं।

मानव संसाधन मंत्री ने मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं द्वारा दिए गए योगदान को भी सराहा और कहा कि मंत्रालय एवं सभी संस्थाएं पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ इस महामारी के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री जी एवं देश के साथ खड़ा है।

 

 

 

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