मध्यप्रदेश के बालाघाट में एक निर्माणाधीन मकान के पास स्थित एक कच्चा घर भरभरा कर गिर गया, जिसमें तीन मजदूर घायल हो गए। घटना बालाघाट के मुख्यालय में राम गली मार्ग का है, जहां एक निर्माण अधीन मकान के पास स्थित कच्चे मकान की दीवार अचानक गिर गई, जिससे निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूरों में से तीन मजदूर उसमें दब गए और घायल हो गए। घटना के बाद मलबे में दबे मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकल गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल हुए मजदूरों में से एक मजदूर मानिक सोलखे की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर को फिलहाल बेहतर अस्पताल के लिए जिला अस्पताल से गोंदिया रेफर किया गया है।
निर्माणाधीन मकान के पास गिरा कच्चा मकान
जानकारी अनुसार, बालाघाट के रामनगर स्थित स्टेट बैंक के पीछे व्यापारी दिनेश पुगलिया अपने अन्य परिजनों के साथ बेसमेंट के साथ नए भवन का निर्माण करा रहे हैं। इस समय भवन के बेसमेंट का कार्य चल रहा है। इस निर्माणाधीन भवन के पास ही राकेश जैन का कच्चा मकान स्थित है, जो काफी जर्जर हालत में है। इसी बीच दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन मकान के ऊपर इस कच्चे मकान की दीवार ढह गई। कच्चा मकान आज शाम में भरभरा कर नीचे धसक गया और जिसके चलते दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे 14 मजदूर में से तीन मजदूर मलबे में दब गए।
हादसे में घायल मजदूर
हादसे में घायल मजदूरों की बात करें तो इनके नाम मानिक लोधी, चेतराम सोलखे और निलेश नगपूरे है, जो मलबे में दबने के चलते घायल हो गए। इनमें से चेतराम और नीलेश को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है, जबकि मानिक को ज्यादा चोटें आई हैं। मानिक की हालत गंभीर होने के चलते उसे गोंदिया रेफर कर दिया गया है। मकान की दीवार गिरने की सूचना पर तत्काल पुलिस और स्थानीय लोग पहुंचे। पुलिस के जवानों ने घायलों को दीवाल में दबे होने पर बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
बेसमेंट के काम के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी घटना 5.30 के आसपास की है, जहां मजदूर दिनेश पुगलिया के निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट का काम कर रहे थे, इसी दौरान इससे सटी एक पुरानी दीवार अचानक ढह गई। दीवार के साथ भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी सीधे बेसमेंट में आ गिरा, जिससे इसमें काम कर रहे मजदूरों में से तीन इसी में दब गए। दीवार गिरने से आस-पास के इलाके में तेज आवाज गूंज उठी, जिसे सुनने के बाद आस-पास के लोग भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। मजदूरों की चीख-पुकार सुनने के बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी और खुद ही मलबा उठाने लगे। कुछ ही देर में दो मजदूरों को निकाल लिया गया, लेकिन तीसरा मजदूर पूरी तरह मिट्टी में दब चुका था, सिर्फ उसका चेहरा नजर आ रहा था। ऐसे में बेहद सावधानी के साथ उसे निकाला गया और तीनों मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया।
(रिपोर्टः शौकत बिसाने)
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