भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सेंट्रल जेल में ईद उल फितर के त्योहार पर जेल प्रशासन ने कैदियों और परिजनों की खुली मुलाकात पर रोक लगा दी है। इसके लिए जेल प्रशासन ने बाकायदा नोटिस भी चस्पा किया है जिसमें लिखा है" ईद पर होने वाली खुली मुलाकात बंद रहेगी लेकिन सामान्य मुलाकात दी जाएगी"।
मुलाकात वाली जगह पर हो रहा निर्माण
हालांकि जेल अधीक्षक राकेश भांगरे के मुताबिक जेल परिसर के अंदर तीन बड़े-बड़े स्थान पर व्यापक रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। जिस स्थान पर खुली मुलाकात कराई जाती है उस स्थान पर निर्माणाधीन कार्य में इस्तेमाल होनेवाली सीमेंट, रेत, गिट्टी, मलबा आदि पड़ा हुआ है। ऐसे में जेल में आनेवाले मुलाकातियों की संख्या को देखते हुए खुली मुलाकात को बंद रखने का फैसला लिया गया है। जेल के तकरीबन 3500 से ज्यादा बंदी है और 8000 से ज्यादा परिजन खुली मुलाकात के लिए इकट्ठे होते हैं। इतनी ज्यादा भीड़ उस स्थान पर जमा होने पर कहीं कानून व्यवस्था में दिक्कत ना हो, सुरक्षा प्रभावित न हो, इन सबको ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया कि ईद के दिन जो खुली मुलाकात होनी है उसे बंद करके सामान्य मुलाकात जारी रखी जाएगी।
कैदियों और परिजनों में मायूसी
जेल प्रशासन के इस फैसले से ईद के मौके पर अपने परिजनों से ना मिल पाने की खबर से मुस्लिम कैदियों को बड़ा झटका लगा है। इसके बाद भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने जेल महानिदेशक को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। पत्र में लिखा है की खुली मुलाकात बंद होने के मैसेज से बंदियों एवं उनके परिजनों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में मेरा यह कहना है कि वर्षों से त्योहार के अवसर पर बन्दियों को उनके परिजनों से खुली मुलाकात कराई जाती रही है। उन्होंने आगे लिखा- जहां तक कि मुझे ज्ञात है कि पिछले 40-45 वर्षों में कभी भी खुली मुलाकात के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है।

आरिफ मसूद ने चिट्ठी में लिखा कि जेल में बंदियों से इस तरह की मुलाकातों से मुस्लिम परिवारों के साथ-साथ बहुसंख्यक परिवारजन को भी अपने नाते रिश्तेदारों से खुली मुलाकात करने का अवसर मिल जाता है। बरसों से ही परंपरा रही है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है की सहानुभूति पूर्वक विचार कर आगामी ईद पर बंधिया को उनके परिजनों से खुली मुलाकात कराई जाने की व्यवस्था करने संबंधी निर्देश जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल भोपाल को जारी करने की कृपा करें।