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साइकिलों से भरे ऑटो में लटककर स्कूल पहुंचे 8वीं के छात्र, 17 किलोमीटर लंबी यात्रा में जान का जोखिम

 Published : Jul 27, 2026 11:44 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 11:44 pm IST

वीडियो में देखा जा सकता है कि ऑटो के अंदर और ऊपर साइकिल लदी हुई हैं। इसी ऑटो के किनारे छात्र लटके हुए हैं। 17 किलोमीटर लंबे सफर में छात्रों का इस तरह यात्रा करना चिंताजनक है।

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ऑटो पर लटके बच्चे Image Source : REPORTER INPUT

मध्य प्रदेश में डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां एकीकृत माध्यमिक शाला उमरिया के कक्षा 8वीं के छात्रों को कथित तौर पर साइकिलों से ठसाठस भरे ऑटो में करीब 17 किलोमीटर का सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वायरल वीडियो में छात्र ऑटो के बाहर लटककर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह तस्वीर अमरपुर विकासखंड के एकीकृत माध्यमिक शाला उमरिया की बताई जा रही है। आरोप है कि अमरपुर से छात्रों और उनकी साइकिलों को एक ही ऑटो में भरकर स्कूल पहुंचाया जा रहा है। ऑटो के भीतर बड़ी संख्या में साइकिलें रखी गई हैं, जबकि कई छात्र वाहन के बाहरी हिस्से से लटककर सफर करते नजर आ रहे हैं।

17 किलोमीटर के सफर में जान का खतरा

करीब 17 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान बच्चों की जान जोखिम में बनी रही। सड़क पर हल्का-सा संतुलन बिगड़ने या किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद इस व्यवस्था पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी कर बच्चों को जोखिम भरी यात्रा कराई जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से इस तरह छात्रों को ले जाया जा रहा है और संबंधित विभाग अब तक मौन क्यों है।

उठ रही जांच की मांग

मामले में जब विद्यालय के प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। जिम्मेदार अधिकारियों की यह चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। अब मांग उठ रही है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराए और यदि छात्रों की सुरक्षा से समझौता या किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल यह मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिवहन व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

(डिंडौरी से दीपक कुमार नामदेव की रिपोर्ट)

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