मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पवित्र पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार कर दिया है। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़ी बिछिया में एक मामूली घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया। सिर्फ एक हजार रुपये की रकम के लिए एक पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली। शुरुआत में आरोपी ने इस वारदात को सामान्य मौत या छोटी-मोटी कहासुनी का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच उजागर कर दिया।
रुपयों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि मृतका रामकली बनवासी के बेटे सोनू बनवासी ने घर के जरूरी खर्चों के लिए अपनी मां को एक हजार रुपये दिए थे। जब इस बात की भनक पति पप्पू बनवासी को लगी, तो वह पत्नी से वे पैसे छीनने का दबाव बनाने लगा। रामकली ने घर के खर्च का हवाला देते हुए रुपये देने से साफ मना कर दिया। इसी बात से बौखलाकर पप्पू ने अपना आपा खो दिया और 3 अगस्त 2026 की रात रामकली के साथ बड़ी बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मारपीट जानलेवा साबित होगी।
स्प्लीन फटने से हुई मौत
घटना के बाद महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डॉक्टरों की रिपोर्ट आते ही पूरा मामला साफ हो गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भीषण मारपीट की वजह से महिला के शरीर के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी तिल्ली फट गई और काफी मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुआ। इसी वजह से उसकी जान चली गई। इस मेडिकल रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया कि महिला की मौत कुदरती नहीं, बल्कि हत्या थी।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश नाकाम
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने खुद को बेगुनाह साबित करने और पुलिस को चकमा देने की बहुत कोशिश की। वह मामले को हादसा दिखाने में लगा रहा, लेकिन कोतवाली पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर उससे सख्त पूछताछ की, जिसमें उसकी सारी चालाकियां धरी की धरी रह गईं। पुलिस ने आरोपी पप्पू बनवासी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
रिपोर्ट- दीपक कुमार नामदेव