मध्य-पूर्व में जारी तनाव और उड़ानों के प्रभावित होने के कारण सऊदी अरब में उमराह करने गए भारत के करीब 4 हजार जायरीन वहीं फंस गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के भी लगभग 300 जायरीन शामिल हैं। यात्रियों की सुरक्षित और जल्द वतन वापसी को लेकर मध्य प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके निवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सऊदी अरब में अटके जायरीनों के रहने और वापसी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी और भारत सरकार के सहयोग से उनकी जल्द वापसी की मांग की है।
मुख्यमंत्री मोहन ने दिया आश्वासन
CM डॉ. मोहन यादव ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को मानवीय आधार पर पूरी सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निवासियों सहित सभी जायरीनों को सकुशल स्वदेश लाने के लिए आवश्यक इंतजाम और प्रयास किए जाएंगे। उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों के सामने ठहरने और यात्रा की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं, जिस पर सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
रियाद एयरपोर्ट पर हुआ था भीषण हमला
आपको बता दें कि हाल ही में यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला किया था। इस हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। मरने वालों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, भारत, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल थे।
एयरलाइंस ने निलंबित की उड़ानें
आपको बता दें कि सऊदी अरब में बदलती सुरक्षा स्थिति के बीच भारत और अन्य देशों से सऊदी जाने वाले विमानों पर काफी असर पड़ा है। Air India और Air India Express ने रियाद और दम्माम आने-जाने वाली उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक और जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। वहीं, इंडिगो ने भी सऊदी अरब के कई शहरों के लिए उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। इसके अलावा Akasa Air ने भी जेद्दा और रियाद के लिए उड़ानों पर रोक की अवधि बढ़ा दी है। एयरलाइन ने बीते शुक्रवार को बताया है कि जेद्दा आने-जाने वाली उड़ानें 10 नवंबर तक और रियाद की उड़ानें 30 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी।
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