मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्राओं से दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच समिति भोपाल पहुंच गई है। समिति के सदस्यों ने जांच अधिकारी से मुलाकात की है। भोपाल के एक कॉलेज में कुछ छात्रों ने अपनी पहचान छिपाकर कई छात्राओं को झूठे प्यार में फंसाया और उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने दुष्कर्म का वीडियो बनाकर पीड़ित छात्राओं को ब्लैकमेल किया और पीड़ित छात्राओं को अन्य छात्राओं से मिलवाने के लिए भी मजबूर किया।
महिला आयोग की तरफ से बताया गया कि मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। यह जांच समिति अपनी जांच के लिए भोपाल पहुंच गई है। रविवार को यह जांच समिति पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और संबंधित अधिकारियों से मिलकर घटना में की गई कार्रवाई की जानकारी लेगी।
जांच समिति में दो महिलाएं
जांच समिति के तीनों सदस्य निर्मल कौर (सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी, पूर्व डीजीपी, झारखंड), निर्मला नायक (अधिवक्ता, जबलपुर उच्च न्यायालय) और आशुतोष पांडेय (अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग) ने इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी से मुलाकात की तथा मामले की जमीनी वास्तविकता को समझने का प्रयास किया। रविवार को यह जांच समिति घटना से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारजनों और संबन्धित अधिकारियों से मुलाकात करेगी। सभी पक्षों से बातचीत के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी सुझाव देगी। आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़िताओं को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्या है मामला?
भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में आरोपी फरहान पढ़ता था, जहां रेप पीड़िताएं भी पढ़ती हैं। आरोपी अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर हिंदू लड़कियों को फंसाता था और उनका रेप करता था। फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी करता था। पीड़िताओं के शिकायत के बाद पुलिस ने उसे और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच में जुटी हुई है। कॉलेज में उसके गैंग के मुस्लिम साथी सिर्फ हिंदू लड़कियों को ही टारगेट करते थे। उन्हें दोस्ती के जाल में फंसा नशीला पदार्थ पिलाकर न केवल उनके साथ रेप किया जाता था बल्कि इस दौरान उनके वीडियो भी बनाए जाते थे। फरहान ने पूछताछ में बताया कि हिंदू लड़कियों के साथ रेप कर उसने सबाब यानी पुण्य का काम किया है।