भोपाल: आगामी चुनावों को लेकर बीजेपी में टिकट वितरण की चर्चाओं के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का एक बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उमरिया दौरे पर पहुंचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने टिकट और पद को लेकर पूछे गए सवाल पर हम तो चाहते हैं मुक्त हो जाएं। हम हमेशा नमस्ते करने के लिए तैयार हैं। बीजेपी में आदमी पद के लिए नहीं जीता है।
भाजपा में पद के लिए नहीं जीता आदमी
उन्होंने कहा, "हम तो चाहते हैं कि मुक्त हो जाएं। इसमें भय लगने जैसा क्या है। भाजपा में पद के लिए नहीं जीता आदमी, इसलिए आप बहुत गलतफहमी में हैं। हम लोग तो कभी भी नमस्ते कर देने के लिए तैयार रहते हैं।"
पद से अधिक संगठन को प्राथमिकता
उनके इस बयान को पार्टी संगठन के प्रति समर्पण और पद से अधिक संगठन को प्राथमिकता देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में बीजेपी के कई बड़े नेताओं, जिनमें पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है, के टिकट को लेकर चर्चाएं तेज रही हैं। ऐसे माहौल में प्रहलाद सिंह पटेल का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
दरअसल, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल आज जिले की उमरार और मछरार नदियों के उद्गम स्थलों पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने उमरिया पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम के पहले स्थानीय रेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे टिकट कटने की संभावनाओं पर सवाल किया गया, तब उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा में उनका उद्देश्य पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि संगठन और समाज की सेवा करना है। उनका यह बयान प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
दरअसल, दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने पूर्व गृह मंत्री और दतिया से टिकट के प्रमुख दावेदार नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। नरोत्तम मिश्रा लंबे अर्से से दतिया सीट से चुनाव जीत रहे थे लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में वे हार गए थे। नरोत्तम मिश्रा शिवराज सिंह चौहान की सरकार में प्रदेश के गृह मंत्री थे।
टिकट कटने के बाद उनके समर्थक काफी नाराज हुए। दतिया में विरोध प्रदर्शन हुए और हाईवे जाम कर दिया गया। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा दिल्ली आकर केंद्रीय नेतृत्व से भी मिले और राज्य के नेताओं से भी बातचीत की। वे आशुतोष तिवारी के नामांकन में भी शामिल हुए और प्रचार भी कर रहे हैं।
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