मोदी-जिनपिंग मुलाकात से लेकर डिक्लेरेशन और गाला डिनर तक, BRICS समिट के पहले दिन ये रहे Memorable Moments
मोदी-जिनपिंग मुलाकात से लेकर डिक्लेरेशन और गाला डिनर तक, BRICS समिट के पहले दिन ये रहे Memorable Moments
भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें BRICS समिट का पहला दिन कई यादगार पलों से भरा रहा। दिल्ली में जुटे दुनिया के प्रमुख नेताओं के बीच AI, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट, वैश्विक संस्थाओं में सुधार और एकतरफा प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दिन की शुरुआत से लेकर गाला डिनर तक कई तस्वीरें चर्चा में रहीं।
Published : Sep 12, 2026 11:00 pm IST, Updated : Sep 12, 2026 11:00 pm IST
1/7Image Source : PM Narendra Modi X account
भारत की मेजबानी में आयोजित दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का पहला दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों और यादगार पलों का गवाह बना। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन के पहले दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट, एकतरफा प्रतिबंधों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों पर गहन मंथन हुआ। वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा उस समय और स्पष्ट हो गया जब पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थाओं के पुनरुद्धार की जोरदार वकालत की। आइए तस्वीरों के जरिए नजर डालते हैं 18वें ब्रिक्स समिट के पहले दिन की बड़ी और यादगार तस्वीरों पर।
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समिट के पहले दिन की शुरुआत बेहद खुशनुमा माहौल में हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में विश्व नेताओं का स्वागत किया। इसके बाद सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने पारंपरिक फैमिली फोटो के लिए एक साथ पोज दिया। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए सभी नेताओं ने परिसर में पौधे भी लगाए, जिसने ब्रिक्स देशों के बीच अटूट एकता और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया।
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ब्रिक्स समिट में सबसे ज्यादा ध्यान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात ने खींचा। वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'ग्रेटर BRICS सहयोग' के तहत हाई क्वालिटी वाले विकास पर जोर दिया। शिन्हुआ के अनुसार, जिनपिंग ने माना कि भारत और चीन एक-दूसरे की ताकतों से सीखकर साझा विकास हासिल कर सकते हैं।
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समिट के पहले दिन सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा को स्वीकार किया। इस घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अलावा, विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के उल्लंघन और एकतरफा टैरिफ/गैर-टैरिफ उपायों पर भी ब्रिक्स देशों ने गहरी चिंता जताई।
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नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का संकल्प दोहराया गया। ब्रिक्स देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) की कड़ी निंदा की। घोषणापत्र में आतंकवाद की फंडिंग रोकने, सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
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ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकटों का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर पड़ता है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में वे पीछे रह जाते हैं। मोदी ने एआई, साइबर स्पेस, आउटर स्पेस और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी की वकालत की और ब्रिक्स के जरिए युवा राजनयिकों को कानूनी व नीतिगत प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा।
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दिनभर की गंभीर वार्ताओं और बैठकों के बाद शाम को भारत मंडपम में वैश्विक नेताओं के सम्मान में एक भव्य गाला डिनर का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेता एक ही मेज पर बेहद अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत करते नजर आए।