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विदिशा में डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुए रिटायर्ड दंपत्ति, वीडियो कॉल पर 25 दिन घर में रखा कैद, ठग लिए 69 लाख

 Reported By: Anurag Amitabh,  Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Nov 01, 2026 04:47 pm IST,  Updated : Nov 01, 2026 04:47 pm IST

विदिशा जिले में डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने रिटायर्ड कपल को 25 दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल कैद में रखा और करीब 69 लाख की ठगी कर ली। इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है।

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मोनिका तिवारी,एडिशनल एसपी, विदिशा Image Source : INDIA TV

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में डिजिटल अरेस्ट का पहला और बड़ा मामला सामने आया है। विदिशा में जालसाजों ने नकली सीबीआई अफसर बनकर रिटायर्ड बिजलीकर्मी दंपत्ति को अपना शिकार बनाया और उनसे 69 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग दंपत्ति को 25 दिन तक घर में कैद रखा। इन 25 दिनों में जालसाजों ने नकली कोर्ट तैयार किया, और फिर केस की सुनवाई का नाटक करते हुए अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। जब एक ट्रांजेक्शन होल्ड हुआ और आरोपियों ने पीड़ित को साइबर ऑफिस जाने की सलाह दी, तब पुलिस के पास पहुंचने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

बुजुर्ग दंपत्ति से 69 लाख की ठगी

मामला विदिशा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बंटी नगर का है। साल 2016 में बिजली विभाग में अकाउंटेंट पद से रिटायर हुए प्रदीप कपाले के पास 5 अक्टूबर को एयरटेल की ओर से एक कॉल आया। जालसाजों ने रिटायर्ट प्रतीप कपाले की सिम को फर्जी बताकर आधार से वेरिफाई करने की बात कही और बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। इस तरह जालसाजों ने उन्हें अपने झांसे में लिया और फिर वीडियो कॉल के जरिए उन्हें नजरबंद कर लिया गया। आरोपियों ने 25 दिन तक बुजुर्ग दंपत्ति को न किसी से बात करने दी और न ही घर से बाहर निकलने दिया।

नकली कोर्ट तैयार की और मोबाइल पर पिटीशन दाखिल की

जालसाजों ने नकली कोर्ट तैयार की और मोबाइल पर ही पिटीशन दाखिल कर सुनवाई की। खुद को सीबीआई अफसर बताकर फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग केस से जोड़ दिया, जिससे प्रदीप कपाले घबरा गए। इसके बाद जालसाजों ने वीडियो कॉल पर हुई सुनवाई के दौरान रिटायर्ड कर्मचारी से अलग-अलग खातों में 69 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। जब जालसाजों का एक ट्रांजेक्शन ब्लॉक हुआ तो उन्होंने पीड़ित को साइबर ऑफिस जाने की सलाह दी। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना बताई और मामले का खुलासा हुआ।

दर्ज हुआ मामला

एडिशनल एसपी मोनिका तिवारी के मुताबिक, फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने चार टीमें गठित की हैं, जिनमें से एक टीम को राज्य के बाहर भेजा गया है। पुलिस ने जालसाजों के कई बैंक खातों को होल्ड कराया है। एडिशनल एसपी ने लोगों से ऐसे साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दूसरी तरफ पुलिस ने जालसाजों और साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है।

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