दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को बड़ी सफलता मिली है। 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खाते 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी से जुड़े पाए गए हैं।
सरकार ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड को रोकने के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। जल्द ही, आपको यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स में एक 'फ्रीज' बटन मिल सकता है, जो आपके पेमेंट्स को एक साथ फ्रीज कर देगा।
केंद्र सरकार की ओर से डिजिटल अरेस्ट के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट की गई है। सरकार ने बताया है कि उनकी ओर से एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया गया है।
राजधानी दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपति को दो सप्ताह से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान उन्होंने 14 करोड़ 85 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर क्राइम को लेकर प्रदेश की जनता के नाम बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि देश के किसी भी कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं।
हैदराबाद में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के जरिए ठगों ने एक 81 साल के बुजुर्ग से 7 करोड़ रुपए से ज्यादा ठग लिए। ठगों ने बुजुर्ग को मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर ठगा।
सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी I4C ने नए तरीके के स्कैम की जानकारी दी है। साथ ही लोगों को कुछ नंबरों को डायल करने से मना किया है। ये नंबर हैकर्स को आपके बैंक अकाउंट का एक्सेस दे सकते हैं।
मुंबई में साइबर ठगों ने जस्टिस चंद्रचूड़ के नाम पर सुनवाई कर महिला को शिकार बनाया है और साढ़े 3 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी की है। मुंबई पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
बैंक में काउंटर पर बैठी महिला को उषा शुक्ला के हावभाव पर शक हुआ। उसने अपने सीनियर को जानकारी दी। सीनियर ने पुलिस को कॉल किया क्योंकि उषा इस क़दर ठगों की बातों के जाल में फंसी हुई थीं कि किसी को कुछ बताने को तैयार नहीं थी।
लखनऊ में PNB बैंक मैनेजर सूझबूझ से बुजुर्ग महिला साइबर ठगी से बच गई. महिला जब डेढ़ करोड़ रुपए दूसरे खतों में ट्रांसफर करवाने पहुंची तो मैनेजर को शक हो गया. जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई तो पता चला महिला पांच दिन से डिजिटल अरेस्ट थी.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से डेढ़ करोड़ रुपये ठगने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों की सतर्कता से समय रहते पुलिस को सूचना दी गई और महिला ठगी का शिकार होने से बच गई।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम में फंसकर बेंगलुरु की एक महिला ने करोड़ों रुपये गंवा दिए। महिला को एक नंबर से कॉल आया और फिर उससे जालसाजों ने महीनों तक पैसे ऐंठे।
देशभर में हो रहे डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अन्य स्कैम से अलग CBI सबसे पहले डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करेगी।
पीड़ित महिला ने 187 लेनदेने के माध्यम से 32 करोड़ रुपये डिजिटल अरेस्ट करने वाले आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दी। अंत में महिला की मानसिक संतुलन बिगड़ गया और वह बीमार हो गई।
भारत के 21 राज्यों में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को नागपुर पुलिस ने धर दबोचा है। इस मामले में 23 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों के तार चीन और कंबोडिया से जुड़े हुए थे।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने ₹58 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में बड़ा खुलासा किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ठगी में मनी ट्रेल तीन देशों तक पहुंची है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पैसा हांगकांग, चीन और इंडोनेशिया के खातों में ट्रांसफर हुआ था।
अब भारत सरकार की तरफ से स्कैम के डर को कम करने के लिए टेलीकॉम विभाग ने बड़ा कदम उठाया है और आम लोगों को फ्रॉड से बचाने के लिए एक सुविधा दी है।
NPCI ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है और बताया है कि इस तरह के कॉल या मैसेज आने पर क्या करना चाहिए? अगर, आपके पास भी इस तरह के कॉल्स आते हैं तो आप NPCI की इस एडवाइजरी को जरूर फॉलो करें।
दिवाली के मौके पर कहीं आपके साथ भी बड़ा फ्रॉड न हो जाए। साइबर अपराधी के नए तरीके वाले डिजिटल अरेस्ट से बचें। हाल में एक बुजुर्ग को डिजिटली बंधक बनाकर अपराधियों ने 64 लाख रुपये की ठगी कर ली है।
आरोपियों ने खुद को ईडी और सीबीआई का अधिकारी बताया था। इसके बाद बिजनेसमैन और उसकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 58 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी की वारदात व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए हुई।
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