आदित्य बिड़ला ग्रुप के पूर्व एमडी से ठगों ने 70 लाख रुपए हड़प लिए हैं। जानकारी के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले में नाम होने का झांसा देकर ठगी की गई है। साइबर सेल मामले की जांच में जुटी हुई है।
तीन दिनों तक 76 वर्षीय एक रिटायर्ड सरकारी डॉक्टर को परेशान किया और धमकियां दी, जिससे उनकी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। महिला से 6.60 लाख रुपये ठगने वाले आरोपियों ने उनकी मौत के बाद भी उन्हें संदेश भेजना जारी रखा।
लखनऊ में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड IAS अधिकारी को 2 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा है। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रिटायर्ड IAS अधिकारी से 12 लाख रुपए ठग लिए।
अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने डिजिटल गिरफ्तारी करने वाले गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी की है। इन पर एक वरिष्ठ नागरिक के साथ 8.5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
केरल जिले के कासरगोड जिले में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया है। 11 दिनों तक चले डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठगों ने उनसे 2.4 करोड़ रुपये ठग लिए हैं।
मुंबई में 81 साल की महिला साइबर ठगी का शिकार हुई है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगों ने महिला से 7.8 करोड़ रुपए गबन किए हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।
मुंबई के घाटकोपर इलाके में मुंबई के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का नाम लेकर महिला के साथ साइबर ठगी हुई है। इस घटना के सामने आने से हर कोई हैरान है।
गुजरात के गांधीनगर में साइबर ठगों ने एक बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। दरअसल अपराधियों ने एक वरिष्ठ नागरिक को डिजिटल अरेस्ट कर 19.24 करोड़ रुपये लूट लिए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की एफआईआर मुंबई में दर्ज हुई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी लखनऊ से की गई है। इनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, डेबिट और क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
रिटायर्ड साइंटिस्ट को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 29 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
नोएडा में महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि इन आरोपियों ने महिला वकील से 3.29 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगों ने 2 बुजुर्गों को साइबर ठगी का शिकार बनाया। दरअसल ठगों ने एक महिला वकील समेत दो बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट करके करीब 4 करोड़ रुपये की लूट को अंजाम दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक और बड़ा खतरा डीपफेक तकनीक भी है, जो बड़े पैमाने पर जनता को बहुत नुकसान पहुंचा रही है। आज, हमें इनसे निपटने में सावधानी बरतनी चाहिए।
आजकल स्कैमर्स लोगों को लूटने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। उसमें से एक तरीका डिजिटल अरेस्ट का है। मुंबई पुलिस ने लोगों को इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ उपाय बताए हैं।
पालघर में 3.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले 8 लोगों को पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। बता दें कि आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए लूट की इस घटना को अंजाम दिया था।
चंडीगढ़ में एक रिटायर्ड कर्नल को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। बता दें कि ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति से 3.41 करोड़ रुपये लूट लिए हैं।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक बुजुर्ग दंपति को 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर के रखा गया है। इस दौरान दंपति से 3.14 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
मुंबई में एक 86 साल की बुजुर्ग महिला उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गई। वो ‘डिजिटल अरेस्ट’ हो गईं और यह सिलसिला कुछ घंटों या दिनों का नहीं था। वह पूरे 2 महीने डिजिटल अरेस्ट में रहीं।
पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान के कुचामन शहर से गजेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। इसी कड़ी में डिजिटल अरेस्ट के भी काफी मामले सामने आ रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट से सतर्क रहने की अपील करते हुए चेतावनी दी है।
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