महाराष्ट्र के पालघर में एक वरिष्ठ नागरिक को 'डिजिटल अरेस्ट' कर उससे 3.5 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों में जमा 22 लाख रुपये के लेनदेन पर रोक लगा दी है। पीड़ित व्यक्ति को पिछले साल 18 दिसंबर से 10 फरवरी के बीच निशाना बनाया गया। पालघर के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बालासाहेब पाटिल ने बताया कि खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने सबसे पहले पीड़ित को फोन किया और उस पर अवैध विज्ञापन तथा उत्पीड़न में संलिप्त होने का आरोप लगाया।
डिजिटल अरेस्ट करने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
इसके बाद, एक अन्य व्यक्ति फोन पर जुड़ा जिसने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का वकील बताया। पीड़ित को गिरफ्तारी की धमकी दी गई और उसे कार्रवाई से बचाने के लिए विभिन्न बैंक खातों में 3.5 करोड़ रुपये भेजने के लिये कहा गया। पाटिल ने बताया कि पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए आठ आरोपियों का पता लगाया। इन आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। इनमें से चार आरोपियों को नागपुर से पकड़ा गया, तीन को गुजरात के अंकलेश्वर से गिरफ्तार किया गया जबकि एक आरोपी को बिहार के औरंगाबाद जिले से गिरफ्तार किया गया।
पंजाब में भी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी
बता दें कि इससे पहले पंजाब के चंडीगढ़ में एक 82 साल के रिटायर्ड कर्नल और उनकी पत्नी के साथ करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया था। कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी रणविंदर कौर बाजवा को ठगों ने पहले तो 9 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया। इसके बाद उनसे 3.41 करोड़ रुपये लूट लिए। इस घटना की शिकायत दंपत्ति ने पुलिस से की, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। बता दें कि कर्नल बाजवा और उनकी पत्नी चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में रहते हैं। 18 मार्च को उन्हें इंटरनेशनल नंबर से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने दंपत्ति से पूछा कि क्या आप नरेश गोयल को जानते हैं? इसपर दंपत्ति ने जवाब दिया कि हम नहीं जानते हैं।
(इनपुट-भाषा)