1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. हैदराबाद: 81 साल का बुजुर्ग हुआ डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का शिकार, गंवाए 7 करोड़ रुपए, जानें पूरा मामला

हैदराबाद: 81 साल का बुजुर्ग हुआ डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का शिकार, गंवाए 7 करोड़ रुपए, जानें पूरा मामला

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 04, 2026 01:46 pm IST,  Updated : Jan 04, 2026 01:46 pm IST

हैदराबाद में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के जरिए ठगों ने एक 81 साल के बुजुर्ग से 7 करोड़ रुपए से ज्यादा ठग लिए। ठगों ने बुजुर्ग को मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर ठगा।

digital arrest- India TV Hindi
ठगों ने एक 81 साल के बुजुर्ग से 7 करोड़ रुपए से ज्यादा ठगे Image Source : FREEPIK/REPRESENTATIVE PIC

हैदराबाद: डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा घटना हैदराबाद के एक 81 साल के बुजुर्ग के साथ घटी है। इस घटना में ठगों का शिकार एक बुजुर्ग हुआ, जिसने अपने 7 करोड़ रुपए से ज्यादा गंवा दिए।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने रविवार को बताया कि एक 81 साल के आदमी को ठगों ने मुंबई पुलिस ऑफिसर बनकर ठगा और ड्रग ट्रैफिकिंग रैकेट में शामिल होने की धमकी दी। इसके बाद वेरिफिकेशन के बहाने उससे ये रकम ऐंठ ली। 

पुलिस ने बताया कि इस "डिजिटल अरेस्ट" स्कैम में बुजुर्ग ने 7.12 करोड़ रुपए गंवा दिए।

कैसे हुआ ये फ्रॉड?

पिछले साल 27 अक्टूबर को साइबर फ्रॉड करने वालों ने पीड़ित को एक कूरियर कंपनी से होने का दावा करते हुए कॉल किया और बताया कि उसके नाम से मुंबई से थाईलैंड एक पार्सल भेजा गया था, जिसमें MDMA नशीली दवा, पासपोर्ट और कुछ डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं। उन्होंने उसे यह भी बताया कि उन्होंने पार्सल को रोक लिया है और मामला मुंबई पुलिस को भेज दिया है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में एक और कॉलर ने मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर उसे कॉल किया और बताया कि वह ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों के एक बड़े रैकेट में शामिल है।

इसके बाद शुरू हुआ बुजुर्ग से रुपए ऐंठने का सिलसिला और कॉलर ने बूढ़े आदमी से कहा कि अगर वह निर्दोष पाया गया तो पैसे वापस कर दिए जाएंगे। पीड़ित को इस मामले के बारे में किसी को भी न बताने का निर्देश दिया गया था।

80 साल के व्यक्ति ने दो महीनों में 7.12 करोड़ रुपये ठग को ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अपराधियों ने उससे 1.2 करोड़ रुपये और ट्रांसफर करने की मांग की, जिसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसे धोखेबाजों ने ठगा है और उसने 30 दिसंबर को तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) से संपर्क किया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत