1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में महायुति की जीत, कैसे भाजपा के लिए 'धुरंधर' साबित हुए देवेंद्र फडणवीस?

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में महायुति की जीत, कैसे भाजपा के लिए 'धुरंधर' साबित हुए देवेंद्र फडणवीस?

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 16, 2026 09:21 pm IST,  Updated : Jan 16, 2026 09:21 pm IST

महाराष्ट्र की 29 नगर महापालिकाओं में हुए चुनाव के नतीजे जारी किए जा रहे हैं। इस चुनाव में भाजपा नीत महायुति गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। जानें कैसे देवेंद्र फडणवीस भाजपा के धुरंधर साबित हुए हैं?

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस Image Source : PTI

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी और अन्य निगमों के चुनावों से पहले कहा था, "मुझे पूरा विश्वास है कि हम अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देंगे और सच में ऐसा हो गया है।" वो भी तब हुआ है जब 20 साल बाद ठाकरे परिवार के अलग हो चुके चचेरे भाई फिर से साथ आए और मराठी वादों को फिर से उठाया। लेकिन 16 जनवरी को, जब चुनाव का रिजल्ट आया तो चतुर फडणवीस ने भाजपा के लिए एक बड़ी जीत दिला दी। फडणवीस की ये सफलता फिल्म 'धुरंधर' जैसी सफलता थी और जिससे अब फडणवीस भाजपा के धुरंधर बन गए हैं। 

भाजपा के धुरंधर कैसे बने फडणवीस

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी के साथ मिलकर भाजपा को महाराष्ट्र में सत्ता में लाने के एक साल से कुछ अधिक समय बाद, फडणवीस ने जमीनी स्तर पर भी अपनी जबरदस्त लोकप्रियता साबित कर दी है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में भाजपा को मिली बड़ी जीत है, जिसने एशिया के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार के लगभग तीन दशक के प्रभुत्व का आज अंत कर दिया है।

सबसे शक्तिशाली नेता बने फडणवीस

साल 2017 तक, भाजपा अविभाजित शिवसेना के साथ छोटे भाई के रूप में सहयोगी रही, जिसने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के नगर निगम पर अपना दबदबा बनाए रखा था। अब, भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के साथ, वह अंततः 'बड़े भाई' की भूमिका में होगी और पहली बार उसका अपना मेयर होगा। इससे 54 वर्षीय फडणवीस महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में स्थापित हो गए हैं।

फडणवीस एक ऐसे जुझारू नेता बनकर उभरे हैं, जिसने असफलताओं के बावजूद मेहनत किया और पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाया। पहली बार 2019 में सत्ता खोने के बाद, जब शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। दूसरी बार, 2022 में भाजपा द्वारा शिंदे के साथ गठबंधन करके सरकार बनाने के बाद, उन्होंने एक कदम पीछे हटकर उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार किया था और तब फडणवीस ने भाजपा की जमीनी उपस्थिति को मजबूत किया। उन्होंने मुंबई और उसके उपनगरों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ाया और चुपचाप आगामी नगर निगम चुनावों की नींव रखी।

कैसे जीता महाराष्ट्र नगर निगम का चुनाव

उन्होंने न केवल गुजराती और उत्तर भारतीय मतदाताओं के बीच भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत किया, बल्कि दक्षिण भारतीयों से भी संपर्क साधा। फडणवीस ने ठाकरे परिवार की मराठी वोट बैंक पर पकड़ को कमजोर करने का भी प्रयास किया, खुद को एक सशक्त 'मराठी मानुष' के रूप में पेश किया और वादा किया कि मुंबई का अगला मेयर एक मराठी हिंदू होगा। और जब समय आया, तो उन्होंने अपना वादा निभाया। 

बीएमसी और अन्य निगमों में भाजपा को जीत दिलाने में फडनाविस का नेतृत्व निःसंदेह उनके राजनीतिक करियर का एक ऐतिहासिक क्षण होगा। उन्होंने मुंबई में ठाकरे परिवार के गढ़ को तोड़कर असंभव को संभव कर दिखाया। इससे 2029 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी और भाजपा की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।