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सरकार में जगह नहीं मिलने पर नाराज हुआ ओबीसी वर्ग का ये बड़ा नेता, फिर कांग्रेस ने दिया खुला ऑफर

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Dec 18, 2024 02:14 pm IST,  Updated : Dec 18, 2024 02:14 pm IST

महायुति सरकार ने इस बार राज्य में ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे छगन भुजबल को कैबिनेट से दरकिनार कर दिया है, जिससे वह काफी नाराज चल रहे हैं। इसके बाद उनको कांग्रेस ने पार्टी में शामिल होने का खुला ऑफर दे दिया है।

छगन भुजबल- India TV Hindi
छगन भुजबल Image Source : PTI

महाराष्ट्र सरकार ने इस बार राज्य में ओबीसी के बड़े चेहरे छगन भुजबल को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फैसले से एनसीपी के नेता छगन भुजबल नाराज है और उन्होंने इस पर अपना स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया कि वे महाराष्ट्र सरकार से बाहर रखे जाने से खुश नहीं हैं। साथ ही विपक्षी महा विकास अघाड़ी खेमे में भी अपनी दिलचस्पी जाहिर कर दी है। इसके बाद कांग्रेस ने भुजबल को संदेश भेजा है, जिससे उनके दल-बदल की अटकलें तेज हो गई हैं।

कांग्रेस ने दिया खुला ऑफर

महायुती सरकार में मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज चल रहे पूर्व मंत्री छगन भुजबल के अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को छोड़ने की चर्चा गर्म हो गई है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व मंत्री व विधायक डॉ नितिन राउत ने भुजबल को कांग्रेस में आने का खुला ऑफर देते हुए कहा कि उनका कांग्रेस में स्वागत है। पूर्व मंत्री एवं विधायक नितिन रावत ने छगन भुजबल के संबंध में कहा कि यदि वह कांग्रेस में शामिल होते हैं तो उनका स्वागत है।

साथ आए तो निश्चित स्वागत होगा- नितिन रावत

विधायक रावत ने स्पष्ट कहा कि छगन भुजबल जैसे व्यक्ति कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार है तो हम उनका स्वागत करेंगे, भुजबल बहुजनों के नेता है। आज वक्त आ गया कि धर्मनिरपेक्षता के साथ चलना है तो हम लोगों के साथ मिलकर काम करते हैं तो उनका निश्चित स्वागत होगा।

इधर नितिन रावत के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने भी कहा कि छगन भुजबल ग्रास रूट के नेता है, उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को एक नई दिशा दी है। यदि वह कांग्रेस में आते हैं तो उनका स्वागत है। छगन भुजबल बहुत बड़े नेता है उम्र से नहीं, ये वह नेता है जो गली-कूचे से लेकर यहां तक जाकर पहुंचे हैं। ओबीसी समाज में उनको आइडियल माना जाता है, कांग्रेस बहुत बड़ी विचारधारा है, जो भी विचारधारा आएंगे हम उनका स्वागत करेंगे।

उद्धव ने भी कही ये बात

इधर मीडिया रिपोर्ट में भी कहा जा रहा कि शिवसेना यूबीटी गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें मंत्री पद न मिलने पर दुख जताया और कहा, "मुझे भुजबल के लिए दुख हुआ। वह समय-समय पर मुझसे संपर्क में रहते हैं।"

क्या कहा भुजबल ने?

भुजबल ने NCP को स्पष्ट कर दिया है कि वे कुछ तो जरूर करेंगे, हालांकि उन्होंने सभी को यह अनुमान लगाने के लिए छोड़ दिया है कि वह क्या करेंगे। लेकिन उनकी "जहां नहीं चैना, वहां नहीं रहना" टिप्पणी से अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं या अपनी खुद की पार्टी बना सकते हैं।

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