भारत और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ दिनों काफी तनाव देखने को मिला। भारतीय सेनाओं द्वारा 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। ऐसे में बौखलाई हुई पाकिस्तान की सेना ने भारत पर कई मिसाइल हमले किए जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम में बर्बाद कर दिया। इस बीच अब भारतीय सेना और पाकिस्तान की सेना के बाद सीजफायर हुआ है। हालांकि भारत सरकार ने सुरक्षाबलों को आतंकवाद से निपटने के लिए खुली छूट दे रही है। वहीं कुछ देर बाद सरकार द्वारा इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जाएगा।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान
इस मामले पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO से बात करके युद्ध विराम की पहल की थी। भारत हमेशा अपनी प्रतिबद्धता पूरी करता है। लेकिन पाकिस्तान ने बेईमानी की। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को खुद में सुधार लाने के लिए शांति वार्ता के तौर पर युद्ध विराम पर सहमति जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि ये पाकिस्तानी ऐसा करेंगे। इसीलिए उन्होंने युद्ध विराम का जिक्र तक नहीं किया। पाकिस्तान जानता है कि अगर वे भारत से लड़ेंगे तो हार जाएंगे।"
1971 के हालात 2025 के हालात नहीं- शशि थरूर
भारत और पाकिस्तान के बीच बनी सहमति पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "हम एक ऐसे चरण में पहुंच गए थे जहां तनाव बेवजह नियंत्रण से बाहर हो रहा था। हमारे लिए शांति जरूरी है। सच तो यह है कि 1971 के हालात 2025 के हालात नहीं हैं। मतभेद हैं... यह ऐसा युद्ध नहीं था जिसे हम जारी रखना चाहते थे। हम बस आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहते थे और वह सबक सिखाया गया है। मुझे यकीन है कि सरकार पहलगाम की भयावहता को अंजाम देने वाले व्यक्तियों की पहचान करने और उनका पता लगाने की कोशिश जारी रखेगी।"