महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और प्रहार संस्था के संस्थापक बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों के विशाल 'यलगार मार्च' के नागपुर पहुंचने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नागपुर स्थित सरकारी निवास 'रामगिरी' की सुरक्षा अचानक बढ़ा दी गई है। रामगिरी निवास के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है।
किसानों की मुख्य मांगें
अमरावती से शुरू हुआ यह विशाल 'यलगार मार्च' लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा तय करके नागपुर के पास पहुंचा है। मार्च में अलग-अलग जिलों से आए किसान ट्रैक्टर और बैलगाड़ियों पर सवार होकर शामिल हुए हैं।
किसानों और बच्चू कडू की मांग इस प्रकार से हैं-
- किसानों की पूर्ण कर्ज माफी।
- खेत मालिकों को उनकी उपज का हमी भाव (न्यूनतम समर्थन मूल्य) मिले।
- दिव्यांगों को 6000 रुपये मासिक मानधन दिया जाए।
मार्च नागपुर-वर्धा रोड पर जामठा के पास पहुंच गया है, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया है और शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। बच्चू कडू इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक सरकार किसानों की पूर्ण कर्ज माफी की घोषणा नहीं करती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने नहीं की मुलाकात
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंगलवार सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे के बीच मुंबई में बच्चू कडू के प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए समय दिया था, लेकिन एक भी प्रतिनिधिमंडल मिलने नहीं पहुंचा। इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में बच्चू कडू ने कहा, "देवेंद्र फडणवीस ने 1 वर्ष पहले किसानों के सात बारह (7/12) कागजात कोरे करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री हमें मुंबई बुला रहे थे, अगर मैं मुंबई जाता तो मुझे वहीं रोक लिया जाता।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कर्ज माफी की घोषणा नहीं होती, वे मुख्यमंत्री निवास की तरफ कूच करेंगे।
रामगिरी निवास पर सुरक्षा बढ़ाई गई
जोन 2 की एसीपी सुनीता मेश्राम ने बताया कि बच्चू कडू का मोर्चा अमरावती से निकला है और वे अपनी मांगों की सूची मुख्यमंत्री के निवास पर सौंपना चाहते हैं, जिसके मद्देनजर यहां पुलिस का बंदोबस्त किया गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्तमान में नागपुर में मौजूद नहीं हैं। मोर्चे को देखते हुए यातायात सुचारू रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा में करीब 1100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मार्च में 100 के आसपास ट्रैक्टर और करीब 200 बैलगाड़ियां शामिल हैं।
पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने कहा कि शरद पवार की एनसीपी पार्टी का पूरा समर्थन किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि कपास, प्याज और फल उत्पादक किसान कर्ज में डूबे हैं और सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। देशमुख एनसीपी कार्यकर्ताओं के साथ यलगार मार्च में देखे गए। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे, जिसके कारण कुछ जगहों पर किसानों के सड़कों पर बैठ जाने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
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