'हिंद-दी-चादर', गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अल्पसंख्यक विकास विभाग एवं शहीदी समागम राज्य समन्वय समिति के संयुक्त तत्वावधान में 7 दिसंबर 2025 को नागपुर तथा 24 और 25 जनवरी 2026 को नांदेड़ में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इसी कड़ी में नवी मुंबई के खारघर में स्थित ओवे मैदान में हिंद दी चादर कार्यक्रम का आयोजन जाएगा। कोंकण डिवीजन के डिविजनल कमिश्नर रामेश्वर नाईक (समन्वयक, राज्यस्तरीय समन्वय समिति) ने बताया कि 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 को ओवे मैदान, खारघर, नवी मुंबई में भव्य शहीदी समागम का आयोजन किया जाएगा। इस शहीदी समागम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे।
इसके अतिरिक्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, तमिलनाडु के भाजपा नेता अण्णामलाई, योग गुरु बाबा रामदेव, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तथा साध्वी ऋतंभरा की उपस्थिति रहेगी। सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, मोहयाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासीन तथा भगत नामदेव संप्रदाय के संत एवं रागी जत्थेदार भी उपस्थित रहेंगे।
क्या है उद्देश्य?
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। 27 फरवरी को नगर कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस समागम के माध्यम से गुरु तेग बहादुर के शौर्य, धर्मस्वातंत्र्य, मानवता और न्याय मूल्यों का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य है। कार्यक्रम में विभिन्न समाज घटकों की स्वयंसेवी भागीदारी, भव्य लंगर व्यवस्था, आध्यात्मिक प्रवचन, कीर्तन, ऐतिहासिक प्रदर्शनी तथा डिजिटल माध्यम से सूचना प्रसार जैसे अनेक उपक्रम शामिल हैं।
दो दिवसीय कार्यक्रम की प्रमुख व्यवस्थाएं
- अपेक्षित उपस्थितिः 18 से 20 लाख
- मुख्य मंडप क्षमताः 80,000 से 1 लाख सीटें
- विशेष एनएमएमटी बस सेवाः 150 से अधिक
- पार्किंग स्थलः 38
- विशेष हेलिपैडः 3
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं
- आवास व्यवस्थाः 25000 लोगों के लिए
- अस्थायी शौचालयः 1000 से अधिक
- स्वच्छता कर्मचारीः 500 से अधिक
स्वास्थ्य सुविधाएं
- 300 से अधिक डॉक्टर एवं पैरामेडिकल कर्मचारी
- 15 से अधिक अस्थायी चिकित्सा केंद्र
- 1 अस्थायी आईसीयू केंद्र
- निकटवर्ती अस्पतालों में 350 आरक्षित बेड
- 75 आरक्षित आईसीयू बेड
- भव्य लंगर मंडप
- 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी