दक्षिण पश्चिम मानसून लगभग दो सप्ताह तक सुस्त रहने के बाद दोबारा सक्रिय हो चुका है। इसके चलते दक्षिण और मध्य भारतीय राज्यों में जमकर बारिश हो रही है। मानसून इस बार समय से पहले आया था और मई के महीने में ही महाराष्ट्र पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद यह सुस्त पड़ गया। अब दोबारा हालात मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बने हैं। इसी वजह से महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों में जमकर बारिश हो रही है। इस बीच आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने पुणे के लिए ऑरेंज अलर्ट और कोंकण के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में इन जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने के लिए और बारिश से होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। महाराष्ट्र के तटीय इलाकों और पश्चिमी क्षेत्रों में जमकर बारिश होने के आसार हैं।
आने वाले दिनों में मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने बताया कि महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन 17 जून तक इन इलाकों में बारिश की मात्रा कम होगी। ऐसे में रेड अलर्ट की जगह ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाएगा। इस स्थिति में पहले की तुलना में कम बारिश होगी, लेकिन भारी बारिश के लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। रेड अलर्ट की स्थिति में भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का डर रहता है।
इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
कोंकण क्षेत्र के अलावा मुंबई, पुणे, पालघर, सतारा और कोल्हापुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जगहों पर अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस बीच, मध्य और उत्तरी महाराष्ट्र में यलो अलर्ट जारी रहेगा, जहां मध्यम वर्षा होने का पूर्वानुमान है। इसके बाद बारिश के आसार कम हैं। विदर्भ में 17 जून तक छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जिसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने हाई अलर्ट वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने का आग्रह किया है। कोंकण तट पर रहने वाले मछुआरों को तेज हवाओं और तूफानी पानी के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।