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Independence Day: भारत को बहुत संघर्ष के बाद मिली आजादी, आत्मनिर्भर बनने की जरूरत: भागवत

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Aug 15, 2022 10:05 am IST,  Updated : Aug 15, 2022 10:05 am IST

Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि भारत को काफी संघर्ष के बाद आजादी मिली और उसे आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।

Mohan Bhagwat hoisted Tiranga- India TV Hindi
Mohan Bhagwat hoisted Tiranga Image Source : INDIA TV

Highlights

  • नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में मोहन भागवत ने फहराया तिरंगा
  • भारत को बहुत संघर्ष के बाद मिली आजादी: भागवत
  • देश को क्या दिया यह सोचने की जरूरत: भागवत

Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि भारत को काफी संघर्ष के बाद आजादी मिली और उसे आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। देश की आजादी की 76वीं सालगिरह पर महाराष्ट्र के नागपुर शहर में स्थित संघ मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद भागवत ने वहां आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व को शांति का संदेश देगा। उन्होंने कहा, “आज गर्व और संकल्प का दिन है। देश को बहुत संघर्ष के बाद आजादी मिली। उसे आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।”

लोगों को RSS प्रमुख की सलाह

भागवत ने यह भी कहा कि लोगों को नहीं पूछना चाहिए कि देश और समाज उन्हें क्या देता है, बल्कि यह सोचना चाहिए कि वे देश को क्या दे रहे हैं। संघ मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में आरएसएस के कुछ स्वयंसेवक और प्रचारक मौजूद थे। आरएसएस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेशमबाग क्षेत्र स्थित डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति में एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। 

पीएम मोदी के पांच प्रण

15 अगस्त के मौके पर देश जश्न में डूबा है और युवाओं में अपने स्वतंत्रता दिवस को लेकर खासा उत्साह भी दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी (PM Modi) ने भी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं और लाल किले पर अपने भाषण के दौरान 5 प्रण लिए हैं। पीएम ने इन्हें अमृतकाल के 5 प्रण बताया है। इसमें पहला प्रण है कि हमें बहुत बड़े संकल्प लेकर चलना होगा। दूसरा प्रण है कि हमारे मन में गुलामी का अगर एक अंश भी है तो उसे बचने नहीं देना है। तीसरा प्रण है कि हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। चौथा प्रण है एकता और एकजुटता। पांचवां प्रण है नागरिकों का कर्तव्य।

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