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29 साल बाद हत्या का आरोपी गिरफ्तार, तांत्रिक बनकर यूपी के जौनपुर में रह रहा था

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 10, 2023 02:12 pm IST,  Updated : Oct 10, 2023 02:59 pm IST

महाराष्ट्र के काशी मीरा के पेंकर पाड़ा परिसर में हुए हत्याकांड मामले के दो आरोपी उत्तर प्रदेश से पकड़े गए हैं। 1994 में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की नृसंश हत्या कर दी गई थी।

काशी मीरा हत्याकांड के आरोपी- India TV Hindi
काशी मीरा हत्याकांड के आरोपी

उत्तर प्रदेश एसटीएफ व जनपद थाने और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने 29 साल से फरार हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला महाराष्ट्र के काशी मीरा का है। यहां के पेंकर पाड़ा परिसर में 1994 में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में फरार आरोपियों को यूपी के वाराणसी से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी काफी समय से फरार चल रहे थे। इन दोनों अभियुक्तों के नाम अनिल सरोज उर्फ विजय और सुनील सरोज उर्फ संजय है। ये दोनों जौनपुर जिले के रहने वाले हैं। 

मामले में मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस के क्राइम डीसीपी अविनाश आनबुरे ने बताया कि साल 1994 में अनिल सरोज और इसका भाई सुनील सरोज मुंबई से सटे काशी मीरा के पेंकर पाड़ा परिसर में मौजूद भडवाल चाल में रहते थे। इनके पड़ोस में राज नारायण प्रजापति अपने पत्नी जगरानी(28), तीन बेटों- प्रमोद (5 वर्ष), चिंटू(2 वर्ष), पिंटू (3 माह) और बेटी पिंकी (3 वर्ष) के साथ रहते थे। वे जनपद इलाहाबाद के रहने वाले थे। 16 नवंबर 1994 को नारायण प्रजापति की पत्नी और चारों बच्चों की चाकू व चापड़ से मारकर नृसंश हत्या कर दी थी। इससे उस समय घटनास्थल के आस-पास सनसनी फैल गई थी। 

एक आरोपी एयरपोर्ट से पकड़ा गया था 

इस संबंध में थाना काशी मीरा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिसमें आरोपी कालिया चौहान उर्फ अमरनाथ चौहान निवासी नोनवटी थाना बडागांव जनपद वाराणसी, अनिल सरोज और सुनील सरोज का नाम प्रकाश में आया था। वहीं, कालिया चौहान उर्फ अमरनाथ चौहान को महाराष्ट्र पुलिस ने दिसंबर 2022 को मुंबई के एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया था, जब दुबई से काम कर लौट रहा था। हालांकि, इस हत्याकांड के दो आरोपी अनिल सरोज और सुनील सरोज साल 1994 से ही फरार चल रहे थे। इस मामले में 7 अक्टूबर 2023 को विश्वस्त सूत्र के जरिए सूचना मिली कि अनिल सरोज तांत्रिक का रूप धारण कर यूपी के वाराणसी में अपने भाई के साथ छुपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने मरीज का वेश धारण कर आरोपियों से मिले और चोरी से उनकी फोटो निकालकर पहले यह सुनिश्चित किया कि ये दोनों आरोपी सुनील और अनिल हैं। इसके बाद पुलिस ने 7 अक्टूबर को जनपद वाराणसी के थाना सारनाथ क्षेत्र के अंतर्गत सांरग मंदिर के पास की सूचना मिलने के बाद एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी और क्राइम ब्रांच महाराष्ट्र पुलिस संयुक्त रूप से मौके पर पहुंच गई और अनिल सरोज व सुनील सरोज को गिरफ्तार कर लिया।

1994 के हत्याकांड के हैं आरोपी 

पड़ोस में राज नारायण प्रजापति अपने परिवार के साथ रहता था। एक दिन अनिल सरोज के सूटकेस से तीन हजार रुपये गायब हो गए थे। निल सरोज को संदेह था कि यह पैसा राज नारायण प्रजापति के बच्चों ने ही गायब किया है। इस बात को लेकर दोनों परिवारों में आए दिन कहासुनी होने लगी, इसलिए 16 नवंबर 1994 को राज नारायण प्रजापति जब अपने काम पर चला गया, तब सुनियोजित तरीके से अनिल सरोज व सुनील सरोज ने अपने साथी कालिया चौहान उर्फ अमरनाथ चौहान के साथ मिलकर राज नारायण प्रजापति की पत्नी व चारों बच्चों की चाकू और चापड़ से मारकर नृसंश हत्या कर दी। वहीं, गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को थाना सारनाथ जनपद वाराणसी में दाखिल करते हुए वाराणसी न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने की विधिक कार्यवाही की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई क्राइम ब्रांच यूनिट-1 मीरा भयंदर वसई पुलिस कर रही है।

- हनीफ पटेल की रिपोर्ट

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