मुंबई में नेवी नगर INSAS राइफल चोरी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी राकेश डुब्बुला भी अग्निवीर है। आरोपी राकेश और शिकायतकर्ता आलोक सिंह 2023 में एक ही बैच में भर्ती हुए थे। पुलिस के मुताबिक दोनों एक-दूसरे को जानते थे और पुलिस को उनके साथ की तस्वीरें भी मिली हैं। हालांकि शिकायत दर्ज कराते वक़्त समय आलोक सिंह ने दावा किया था कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानता था जो 6 सितंबर को उसके पास आया और जिसने ड्यूटी से रिलीव करने की बात कहकर उसकी INSAS राइफल और मैगजीन लेकर फरार हो गया।
नक्सल प्रभावित इलाके के हैं आरोपी
मुंबई पुलिस के अलावा NIA, IB और ATS भी जांच में शामिल हैं। ये एजेंसियां राकेश और उसके बड़े भाई उमेश डुब्बुला से भी पूछताछ कर रही हैं क्योंकि दोनों नक्सल प्रभावित इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि उमेश के मोबाइल फोन पर एक फोटो मिला है जिसे उसने डिस्प्ले पिक्चर लगाया हुआ था और उसमें वह असॉल्ट राइफल लिए नजर आ रहा है। अब एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या उमेश के नक्सली समूहों से कोई संबंध है?
नक्सली समूह का हिस्सा रहे थे गांव के लोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि तेलंगाना के आसीफाबाद जिले के जिस गांव के ये दोनों भाई रहने वाले हैं वहां से कुछ लोग पहले नक्सली समूह का हिस्सा रहे थे और बाद में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। राइफल चोरी का असली मकसद अभी तक साफ नहीं हो पाया है। साथ ही उमेश के कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह सामने आया है कि वह स्थानीय थाने के एक पुलिस कांस्टेबल से अक्सर संपर्क में रहता था।
समझें पूरा मामला?
राकेश डुब्बुला और उमेश डुब्बुला को 9 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मुम्बई में गणेश विसर्जन वाली शाम को एक नौसैनिक को ड्यूटी से रिलीव करने का झांसा देकर INSAS राइफल और तीन मैगजीन जिसमे से एक खाली और दो जिसमे 40 जिंदा कारतूस थे वो चोरी कर ली। क्राइम ब्रांच का कहना है कि वे सभी संभावित एंगल से जांच कर रहे हैं लेकिन उमेश के नक्सली संबंधों का कोई ठोस सबूत अब तक नहीं मिला है। 9 सितंबर को की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने राकेश और उमेश दोनों को उनके घर से गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने 9 सितंबर को आरोपियों के घर पर छापा मारा और पहले उमेश को पकड़ा वही राकेश पुलिस को दूसरे कमरे में सोते हुए मिला। वहीं से राइफल और मैगजीन भी बरामद हुईं।
अग्निवीर था आरोपी
राकेश ने अपने गृह नगर से हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2023 में अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती ली थी। उसे अगस्त 2024 से फरवरी 2025 तक मुंबई के नेवी नगर क्षेत्र में तैनात किया गया था जहां उसकी ड्यूटी मुख्य रूप से संतरी की थी और फिलहाल वह कोच्चि में पोस्टेड था। उसका बड़ा भाई उमेश, जिसकी शादी हो चुकी है और एक बच्चा है, ने सेकेंडरी स्कूल तक पढ़ाई की है और गांव में अपने पिता के साथ मिलकर देसी शराब का धंधा चला रहा था।
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