महाराष्ट्र में इन दिनों हिंदी बोलना लोगों को भारी पड़ रहा है। दरअसल भाषाई विवाद को लेकर महाराष्ट्र में खूब राजनीति हो रही है। आए दिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा हिंदी भाषियों को मारा-पीटा व जलील किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस हो या प्रशासन या फिर कोर्ट, सभी ने चुप्पी साध रखी है। इस बीच ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में एक उत्तर भारतीय रिक्शा चालक और मराठी युवक के बीच किराए को लेकर विवाद हुआ। यह विवाद बाद में इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि इस विवाद के दौरान रिक्शा चालक ने मराठी युवक की पिटाई कर दी।
मनसे नेताओं ने रिक्शा चालक से मंगवाई माफी
इस घटना की जानकारी मिलते ही मनसे टीम एक्टिव हो गई। एमएनएस के भिवंडी अध्यक्ष मनोज गुलवी ने इस मामले में हस्तक्षेप कर रिक्शा चालक को माफी मांगने पर मजबूर किया। इस दौरान मनोज गुलवी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर भविष्य में किसी मराठी युवक को छूने की कोशिश की तो देख लेना हाथ कहां जाएगा।' यानी मनसे के नेता खुलेआम हिंदी भाषियों को धमकी दे रहे हैं और मारपीट भी रहे हैं। एक तरफ इतना सब हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ, महाराष्ट्र सरकार हो या फिर प्रशासन और कोर्ट, सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
मनसे का नेता पुलिस हिरासत में
हालांकि बीते दिनों हुए एक ऐसे ही मामले में पुलिस ने कार्रवाई जरूर की है। दरअसल बीते दिनों मराठी में बात नहीं करने पर एक फूड स्टॉल (भोजन बेचने वाली दुकान) मालिक को मनसे के नेता अविनाश जाधव ने थप्पड़ मारा था। इस घटना के विरोध में व्यापारियों के प्रदर्शन के जवाब में ठाणे में आयोजित की जाने वाली रैली से पहले मनसे के नेता आविनाश जाधव को पुलिस ने सोमवार की देर रात को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में ठाणे जिले के मीरा भायंदर इलाके में महाराष्ट्र एकीकरण समिति द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित रैली के आयोजन की पुलिस ने अनुमति नहीं दी है।