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महाराष्ट्र में फिर तेज हुई NCP विलय की चर्चा, शरद पवार ने अटकलों को किया खारिज

 Reported By: Sachin Chaudhary Written By: Niraj Kumar
 Published : Jul 28, 2026 11:44 pm IST,  Updated : Jul 28, 2026 11:44 pm IST

NCP के दोनों धड़ों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शरद पवार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद दिल्ली में नेताओं की बैठकों और अमित शाह से दोनों गुटों के नेताओं की मुलाकात ने विलय की अटकलों को हवा दे दी है।

Sharad pawar- India TV Hindi
शरद पवार Image Source : PTI

मुंबई:  महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक नेताओं के बीच लगातार हो रही मुलाकातों ने NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय और राज्य की भविष्य की राजनीति को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, NCP (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार ने दोनों दलों के विलय की किसी भी संभावना से साफ इनकार किया है।

पीएम मोदी से शरद पवार की मुलाकात

दरअसल, पिछले सप्ताह शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद दिल्ली में शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, पार्थ पवार और सुनील तटकरे के बीच बैठक हुई। इसके बाद NCP (अजित पवार) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। तटकरे ने इसे सद्भावना भेंट बताते हुए कहा कि बैठक में कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

इसके बाद NCP (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और पार्टी सांसद बजरंग सोनवणे ने भी अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बताया कि वे पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण देने और अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गृह मंत्री से मिले थे।

शरद पवार ने क्या कहा?

इन मुलाकातों के बाद NCP के दोनों धड़ों के संभावित विलय को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई। हालांकि, बारामती में जब शरद पवार से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि दोनों पार्टियों के विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं चल रही है।

वहीं, NCP (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता और मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि शरद पवार देश के बड़े नेता हैं और उनसे सभी लोग मिलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों दलों के वरिष्ठ नेता जो भी फैसला करेंगे, विधायक और मंत्री उसका समर्थन करेंगे।

खुलकर नहीं बोल रही बीजेपी 

बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल खुलकर कुछ नहीं कह रही है। हालांकि, बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि अगर शरद पवार जैसे अनुभवी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे के साथ जुड़कर देश की प्रगति में योगदान देना चाहते हैं तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, महाराष्ट्र कांग्रेस भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि उन्हें इस बात से ज्यादा चिंता किसानों, छात्रों और युवाओं की है कि NCP का विलय होता है या नहीं।

इस बीच, पवार परिवार के एक पारिवारिक कार्यक्रम को लेकर भी सियासी निगाहें टिकी हैं। पुणे में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की सगाई के कार्यक्रम में पवार परिवार के कई सदस्यों के एक साथ नजर आने की संभावना है। ऐसे में राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो सकता है।

क्यों आगे नहीं बढ़ पा रही विलय की बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, NCP के दोनों धड़ों के बीच सबसे बड़ा पेच पार्टी नेतृत्व और महाराष्ट्र तथा केंद्र में संगठन की कमान को लेकर है। इसी वजह से विलय की संभावित बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, एक विकल्प के तौर पर औपचारिक विलय से पहले शरद पवार की पार्टी द्वारा मुद्दों के आधार पर NDA का समर्थन करने की संभावना पर भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, संसद के आगामी सत्र में यदि परिसीमन विधेयक आता है तो उस पर NDA को समर्थन दिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

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