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स्कूल में सांप काटने से 3 छात्राओं की मौत के मामले में प्रिंसिपल समेत 5 पर FIR, 2 अधिकारी सस्पेंड; मान्यता भी रद्द

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Aug 25, 2026 01:06 pm IST,  Updated : Aug 25, 2026 02:06 pm IST

गढ़चिरौली के जपतलाई आश्रम स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। इसी बीच कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधते हुए आश्रम स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

जपतलाई आश्रम स्कूल- India TV Hindi
जपतलाई आश्रम स्कूल Image Source : REPORTER

गडचिरौली जिले के धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित सरकारी आश्रमशाला (स्कूल) में सर्पदंश से तीन नाबालिग आदिवासी छात्राओं की मौत के मामले में अब कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। एक तरफ धानोरा पुलिस ने आश्रमशाला के मुख्याध्यापक, महिला अधीक्षिका, पुरुष अधीक्षक समेत संस्था के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है, तो दूसरी तरफ आदिवासी विकास विभाग ने भी विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित किया है। इतना ही नहीं, जपतलाई आश्रमशाला की मान्यता भी रद्द कर दी गई है।

कई छात्राओं को सांप ने काटा

घटना 10 अगस्त 2026 की रात करीब 2 बजे की है। जपतलाई स्थित अनुदानित आश्रमशाला के छात्रावास में छात्राएं भोजन और पढ़ाई के बाद सो रही थीं। इसी दौरान कमरे में सांप घुस गया और कुछ छात्राओं को सर्पदंश हुआ। घटना के बाद छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई। प्रभावित छात्राओं को तत्काल धानोरा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया।

उपचार के दौरान 14 वर्षीय दीपिका ऐतवा लकड़ा, कक्षा छठवीं, निवासी जव्हेली, तहसील एटापल्ली और 15 वर्षीय सुष्मिता सरोजीत मंडल, कक्षा आठवीं, निवासी मेंढरी, तहसील एटापल्ली की मौत हो गई। इसके बाद सर्पदंश से संबंधित लक्षण दिखाई देने वाली 16 छात्राओं को गडचिरौली जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 8 वर्षीय अनु गजुराम कोरेटी, कक्षा दूसरी, निवासी केहकावाही, तहसील धानोरा की भी मौत हो गई। इस तरह इस घटना में तीन मासूम छात्राओं की जान चली गई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कविता राजकुमार किंरगे और समृद्धी सुरेश नैताम का गडचिरौली में उपचार चल रहा था। समृद्धी की हालत गंभीर बताई गई थी। वहीं दीपिका बिटकूरसाय मडावी को आगे के उपचार के लिए शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपुर भेजे जाने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है।

पांच लोगों के खिलाफ FIR

तीन छात्राओं की मौत के बाद आश्रमशाला की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे। एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प, गडचिरौली की ओर से मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। पुलिस के अनुसार, समिति की जांच रिपोर्ट में आश्रमशाला से जुड़े जिम्मेदार लोगों द्वारा अपने कर्तव्य में कथित हलगर्जी, निष्काळजीपणा और दुर्लक्ष किए जाने की बात सामने आई।

इसके बाद धानोरा पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 86/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 125(A), 125(B), 3(5) BNS 2023 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है।

इस FIR में जिन पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं 

1. प्रशांत विलासराव ताटपल्लीवार — मुख्याध्यापक, उम्र 51 वर्ष

2. भाग्यश्री ज्ञानेश्वर चिल्लमवार — महिला अधीक्षिका, उम्र 34 वर्ष

3. भाष्कर रामचंद्र भोयर — पुरुष अधीक्षक, उम्र 50 वर्ष

4. मारोतराव सैनुजी कोवासे — संस्था के अध्यक्ष, निवासी गडचिरौली

5. विश्वजित मारोतराव कोवासी — संस्था के सचिव, निवासी गडचिरौली

मामले की शिकायत डॉ. प्रभु पुनया सादमवार, उम्र 57 वर्ष, सहायक प्रकल्प अधिकारी (शिक्षण), एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प, गडचिरौली ने दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार मामला 12 अगस्त 2026 की रात 1 बजकर 3 मिनट पर दर्ज किया गया। इस मामले की जांच जगदीश पांडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, पेंढरी, जो धानोरा उपविभाग का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं, कर रहे हैं।

 दो अधिकारी भी निलंबित 

जपतलाई आश्रमशाला मामले में कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। अपर आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, नागपुर आयुषी सिंह ने 21 अगस्त 2026 को सहायक प्रकल्प अधिकारी डॉ. प्रभु पुनया सादमवार और विस्तार अधिकारी कन्नाके को दोषी करार देते हुए निलंबित किया है। 

 
 आश्रमशाला की मान्यता रद्द 

इससे पहले 17 अगस्त 2026 को आदिवासी विकास विभाग, महाराष्ट्र राज्य, नासिक की आयुक्त लीना बनसोड़ ने जपतलाई आश्रमशाला की मान्यता रद्द कर दी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं विभागीय स्तर पर दो अधिकारियों के निलंबन और आश्रमशाला की मान्यता रद्द किए जाने के बाद अब परिजनों और नागरिकों की नजर इस बात पर है कि इस दर्दनाक घटना की अंतिम जिम्मेदारी किस पर तय होती है। तीन मासूम बेटियों की मौत ने सिर्फ जपतलाई आश्रमशाला को नहीं, बल्कि आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

इसी बीच कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधते हुए आश्रम स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि अगर दो वर्षों में 584 छात्रों की मौत हुई है तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई थी। उन्होंने आश्रम स्कूलों में प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

तीन छात्राओं के वारिसों को मिलेंगे 5-5 लाख रुपये 

धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित अनुदानित आदिवासी आश्रमशाला के छात्रावास में सर्पदंश से मृत तीन छात्राओं के कानूनी वारिसों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से प्रत्येक 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। तीनों छात्राओं के वारिसों के लिए कुल 15 लाख रुपये की सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस संबंध में गडचिरोली के जिलाधिकारी को सूचित किया है। इस दुर्घटना में मृत छात्राओं के परिवारों को प्रत्येक 5 लाख रुपये की शासकीय सहायता पहले ही मंजूर की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त अब मुख्यमंत्री सहायता निधि से भी प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता मंजूर की गई है।

रिपोर्ट : नरेश सहारे

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